AI के बढ़ते दौर में भी है मौका, रिया की तरह बिना IIT डिग्री के 50 लाख का पैकेज पाएंगे
आजकल AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) टेक्नोलॉजी बहुत जरूरी हो गई है. बच्चे इसमें डिग्री भी ले रहे हैं. आज हम आपको दिल्ली की एक छात्रा की कहानी बताएंगे, जिसने AI में कोर्स करने के बाद पहली नौकरी में 50 लाख रुपये का पैकेज मिला. आइए, इस छात्रा के सफर और कोर्स के बारे में जानते हैं.
साउथ दिल्ली की रिया चावला ने 24 साल की उम्र में लक्जमबर्ग में 50 लाख रुपये सालाना की नौकरी पाई. उन्होंने बताया कि उनकी सारी पढ़ाई दिल्ली में हुई. 2022 में मानव रत्न से कंप्यूटर साइंस में बीटेक पूरा किया. इसके बाद उन्होंने कॉर्पोरेट में नौकरी शुरू की, लेकिन जल्दी ही समझ आ गया कि तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी की दुनिया में लगातार सीखना जरूरी है. इसलिए उन्होंने AI टेक्नोलॉजी में कोर्स करने का फैसला किया.
1 साल का कोर्स
रिया ने कई ऑनलाइन यूनिवर्सिटी में रिसर्च की और न्यूटन स्कूल से AI में डेटा एनालिसिस का 1 साल का कोर्स चुना. इस कोर्स की फीस 2 लाख रुपये थी, लेकिन EMI का ऑप्शन होने से इसे पूरा करना आसान रहा. साथ ही, स्कूल स्कॉलरशिप भी देता था, जिससे फीस में कुछ छूट मिली.कोर्स के कुछ महीनों बाद ही रिया को विदेश में नौकरी का मौका मिला. आज वह इस मुकाम पर हैं और अपनी सफलता का श्रेय परिवार और स्कूल को देती हैं, जिनका बहुत साथ मिला.
कौन कर सकता है यह कोर्स?
रिया कहती हैं कि AI आज हर क्षेत्र में इस्तेमाल हो रहा है, इसलिए नई पीढ़ी को इसका ज्ञान होना जरूरी है. 12वीं के बाद कोई भी छात्र इस कोर्स में दाखिला ले सकता है और अपने सपनों को पूरा कर सकता है. यह कोर्स ऑनलाइन और ऑफलाइन कई यूनिवर्सिटी में आसानी से मिल जाता है. रिया की कहानी युवाओं, खासकर लड़कियों को टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है. यह दिखाती है कि सही स्किल्स, मेंटरशिप और मौकों का फायदा उठाकर लोग सफलता हासिल कर सकती है.

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