उम्मीद और पुनर्जीवन का प्रतीक : मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना
सक्ती : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के अंतर्गत तहसील डभरा के निवासी 50 वर्षीय आशा पटेल, पति स्वर्गीय सुरेश चन्द्र पटेल जो एक गृहणी हैं और अपने बच्चों के साथ रहती हैं। उनका जीवन कठिनाइयों से भरा रहा है। कुछ समय पहले, आशा पटेल को कैंसर से संबंधित बीमारी हो गई। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह इलाज करवाने में असमर्थ थी। यह समस्या उनके लिए जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष जैसी थी। उनकी बीमारी न केवल उनके शरीर को कमजोर कर रही थी बल्कि उनके परिवार की उम्मीदों को भी धूमिल कर रही थी। इसी दौरान, आशा पटेल को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत इस योजना के अंतर्गत आवेदन किया और योजना के तहत उन्हें सहायता राशि स्वीकृत की गई। इस आर्थिक सहायता से आशा पटेल ने ब्रेस्ट कैंसर का इलाज करवाया। इलाज सफल रहा, और आज आशा पटेल पूरी तरह स्वस्थ हैं। उनका कहना है कि यदि यह योजना नहीं होती, तो मैं अपना इलाज नहीं करवा पाती। मेरी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि मैं इतने बड़े खर्च को वहन कर सकती। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना ने न केवल मेरी जान बचाई, बल्कि मुझे और मेरे परिवार को नई जिंदगी दी है। आज आशा पटेल अपने जीवन को नए सिरे से जी रही हैं। उनकी कहानी अन्य जरूरतमंद लोगों के लिए प्रेरणा है, जो यह संदेश देती है कि सही समय पर मिली सरकारी सहायता से जीवन में कठिन से कठिन परिस्थिति का समाधान संभव है।
आशा पटेल कहती है उम्मीद और पुनर्जीवन का प्रतीक मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना ने न केवल उनके जीवन को बचाया, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि सरकार की योजनाएँ जरूरतमंदों के जीवन को बेहतर बना सकती हैं। आशा पटेल ने उनके जीवन में आए इस कठिन समय में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उन्हें इस योजना के माध्यम से सहयोग प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने तथा दुर्लभ बीमारियों के इलाज में होने वाले व्यय से बचाने हेतु राज्य शासन द्वारा संजीवनी सहायता कोष का विस्तार करते हुये मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना प्रारंम्भ करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत चिन्हित दुर्लभ बीमारियों के ईलाज के लिए राज्य के पात्र परिवारों को अधिकतम 25 लाख रूपए तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। छत्तीसगढ़ ऐसा पहला राज्य है, जो इतनी बड़ी राशि राज्य के नागरिकों के इलाज हेतु प्रदान कर रही है, जिससे नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं तथा स्वस्थ और बेहतर छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जा रहा है।

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