दस साल में 10 हजार से ज्यादा भारतीय विदेशों में कैद थे, अब भारत में जी रहे खुशहाल जिंदगी
नई दिल्ली। भारत के लोग रोजी-रोटी की तलाश में सात समंदर पार चले जाते हैं। गल्फ यानी खाड़ी देशों में तो इंडियन्स की भरमार है। कभी-कभी कुछ गलतियों की वजह से उन्हें जेल की सलाखों के पीछे जिंदगी बितानी पड़ जाती है। अब भारत ने अपने लोगों को निकालने और उन्हे सुरक्षित तरीके भारत लाने का जो काम किया है वो काफी सराहा जा रहा है।
विदेशों की जेल में फंसे भारतीय अगर अब आसानी से रिहा हो जा रहे हैं, तो इसका कारण है मोदी सरकार की शानदार डिप्लोमेसी। भारत की धमक जिस तरह दुनिया में बढ़ती जा रही है, उसका असर अब दिख रहा है। विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, साल 2014 से अब तक करीब 10000 भारतीय नागरिकों को रिहा कराया जा चुका है। मोदी सरकार ने 2014 में सत्ता में आने के बाद से अब तक विभिन्न आरोपों में विदेशों में कैद 10000 से अधिक भारतीयों की रिहाई और क्षमादान के लिए सक्रिय एवं सतत कूटनीतिक प्रयास किये। इस वजह से ही इनकी स्वदेश वापसी हुई। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की ओर से रमजान में लगभग 500 भारतीय कैदियों को माफ करने से भारत और खाड़ी देश के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का पता चलता है। पीम मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने 2014 में आने के बाद से विदेश में भारतीय नागरिकों के कल्याण को प्राथमिकता दी। कूटनीतिक वार्ता और उच्च-स्तरीय हस्तक्षेप के माध्यम से विदेशों में कैद लगभग 10,000 भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। तो चलिए जानते हैं पिछले कुछ सालों में कहां से कितने भारतीय कैद से आजाद होकर अपने घर आए हैं।
कब कहां से हुई भारतीयों की रिहाई
2022 में यूएई से 2,783
2019 में सऊदी अरब से 850
2023 में कतर से 43
2024 में ईरान से 77
2019 में बहरीन से 250
2017 में कुवैत से 22
2014 से अब तक 3,697 मछुआरे
कतर से 2023 में मौत की सजा पाए भारतीय नौसेना के 8 पूर्व सैनिकों की रिहाई।
2014 से अब तक पाकिस्तान से 2,639 मछुआरे और 71 नागरिक कैदियों की रिहाई।

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