पुलिस की लापरवाही लोगो पर पढ़ी भारी आखिर कब होगा प्रशासन शशक्त
सुरखी थाना क्षेत्र मे एक आदतन गुंडे ने मारपीट कर जबरन दुकानें बंद कर दी सागर जिले के सुरखी थाना क्षेत्र में इन दिनों आसामाजिक तत्वों का बोलबाला चल रहा है और पुलिस का रवैया भी सभ्य लोगों के प्रति असंवेदनशील दिखाई पड रहा है जिसके कारण सभ्य नागरिक और व्यापारी डर के साये में जी रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह पुलिस पर ही हमला करने से नहीं चूक रहे और चूकें भी कैसे क्योंकि पुलिस भी तो शिकायत होने के बाद इन आसामाजिक तत्वों पर कार्यवाही करने के बजाय पीडितों को ही धमकी देने लगती है, जिसका ताजा उदाहरण एक सप्ताह के अंदर ही हो चुकी घटना है, जिसमे सुरखी थाना पुलिस के कर्मचारी आदतन अपराधियों के खिलाफ वारंट तामील करने ग्राम महुआखेडा गई थी जिससे वारंटी और उसके परिवार के लोगों ने पुलिस पर पत्थरों से हमला करके दो पुलिस कर्मियों को घायल कर दिया, और इसके बाद तो वहां भारी पुलिसबल तैनात कर दिया था जिसके कारण आज तक पुलिस उस गांव में आरोपियों की तलाश में डेरा जमाये हुये है और सभी कामों को छोडकर पहले पुलिस हमलावरों की तलाश में जी जान से जुटी हुई है क्योंकी यह हमला पुलिस पर हुआ है, अब सवाल यह उठता है कि जिस प्रकार पुलिस अपने ऊपर हुये हमले को इतना महत्व दे रही है अगर आम लोगों पर होने वाले हमलों पर कभी जरा भी ध्यान दिया होता तो शायद अपराधियों के हौसले इतने बुलंद नहीं होते, इसके बाद भी पुलिस का रवैया अभी भी वैसा ही नजर आ रहा है जिसका ताजा उदाहरण आज ही देखने को मिला जब बीती रात सुरखी थाना क्षेत्र की ढाना पुलिस चौकी अंतर्गत आने वाले ग्राम उदयपुरा में एक आदतन अपराधी किस्म का व्यक्ति टीकाराम उर्फ टकलू कुर्मी जो अक्सर गांव में हथियार लेकर गुंडागर्दी करते हुये कभी गुंडा टेक्स तो कभी शराब पीने पैसे मांगता रहता है बीती शाम लगभग सात बजे टकलू गांव में शराब पीकर उत्पात मचाते हुये दुकानों पर पहुंचा और शराब पीने पैसे मांगने लगा और यह कहते हुये कि मेरा प्रधानमंत्री आवास अभी तक सरकार ने तो नहीं बनवाया अब मेरा आवास तुम दुकानदार अपने पैसों से बनवाओगें नहीं तो एक भी दुकान नहीं खुलने दूंगा और अपने हाथों से जबरन दुकानों की शटर बंद कर दी उसके बाद टकलू रात 12 बजे फिर से हाथ में लोहे का कटीला तार लपेटे हुये और एक हाथ में कुल्हाड़ी लिये इस दुकानदारों के घर पहुंचकर गाली देने लगा और दो व्यक्तियों को मारकर घायल कर दिया जब इन दुकानदारों ने डायल 100 पर काल किया और डायल 100 मौके पर पहुंची तो वह भाग गया क्या पुलिस का संरक्षण है ऐंसे गुन्डों को अब ऐंसें अपरधियों को पुलिस का संरक्षण इसी बात से प्रतीत होता है कि ढाना चौकी में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक जिनका नाम शैलेश तिवारी बताया गया है ने घटना के बाद दूसरे दिन उदयपुरा पहुंचकर पीडित दुकानदारों को उल्टा धमकाते हुये कहा कि तुम लोग टकलू को मारते हो और उसी की शिकायत करते हो याद रखना तुम्हारे साथ अगर कोई घटना होगी तो रिपोर्ट करने मेरी पुलिस चौकी ही आना पडेगा फिर देखूंगा तुम लोगों को, पीडितों को जिस पुलिस चौकी से जहां न्यान की उम्मीद थी जब वहां ही धमकी मिली तो दोपहर मे सभी दुकानदार शिकायत करने सुरखी थाना पहुंचे तो वहां भी ढाना चौकी प्रभारी मिली और उन्होंने भी इन दुकानदारों से यही कहा कि तुम लोगों ने टकलू को मारा है उसकी शिकायत पर तुम लोगों पर कार्यवाही करेंगे,अब जहां इन पीड़ित और घायल दुकानदारों की शिकायत पर टकलू पर कार्यवाही और घायलों की मेडीकल जांच होनी चाहिए थी आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए था वहीं इसके विपरीत पुलिस आरोपी टकलू को इसलिए तलाश में लगी रही कि आरोपी टकलू मिल जाये तो उसे आवेदक बनाकर उसकी शिकायत पर इन दुकानदारों के खिलाफ कार्यवाही कर सके, पीड़ित सात घंटे यह सोचकर थाना में बैठे रहे कि थाना प्रभारी आयेंगे तो उनको पूरी घटना बतायेंगे लेकिन दोपहर से शाम के बाद तक जब ध्यान प्रभारी नहीं आये और न उन्होंने किसी का काल रिसीव किया तब यह पीड़ित अपने घर लौट गये, इसी दौरान टकलू से पीड़ित एक हरिजन व्यक्ति भी थाने पहुंचा जिसने बताया कि टकलू ने करीब डेढ माह पहले उसके साथ भी मारपीट कर गंभीर रुप से घायल कर दिया जिससे लगभग दस बारह दिन वह भी सागर के शासकीय बुंदेलखंड मेडीकल कालेज में भर्ती रहा लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाही नहीं की सागर से विनोद जैन की रिपोर्ट

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