करोड़ों रुपए की लागत से बन रहा रीवा में कैंसर अस्पताल, आधुनिक मशीनों व उपकरणों से होगा इलाज
रीवा: मध्य प्रदेश को जल्द ही एक और कैंसर अस्पताल की सौगात मिलने जा रही है, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि कैंसर अस्पताल के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं, एक से डेढ़ साल के अंदर अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा, वहीं अस्पताल के लिए मशीनों के ऑर्डर भी एडवांस में दे दिए गए हैं. यह कैंसर अस्पताल विंध्य क्षेत्र में खुलेगा, इसलिए अब यहां के मरीजों को भोपाल या इंदौर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि उन्हें अपने घर में ही कैंसर का इलाज मिलने लगेगा. कैंसर एक खतरनाक और जानलेवा बीमारी है. यह जिसे भी हो जाती है, उसके परिवार को तबाह कर देती है। अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए तो यह धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाकर उसकी जान भी ले सकती है. कैंसर का नाम सुनते ही लोग सहम जाते हैं।
कैंसर का इलाज भी काफी महंगा है, लेकिन कुछ संस्थान ऐसे भी हैं जहां इसका इलाज मुफ्त या बेहद कम पैसों में किया जाता है। कैंसर से पीड़ित लोगों को जीवन भर डॉक्टर की निगरानी में रहना पड़ता है. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के रीवा के लोगों के लिए अच्छी खबर है. बता दें कि जिले में कैंसर अस्पताल बनाने का काम शुरू कर दिया गया है. उम्मीद है कि आने वाले 1 से 1.5 साल में यहां कैंसर अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा।
स्थानीय लोगों को फायदा
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार, यहां निर्माणाधीन कैंसर अस्पताल के लिए मशीनों के एडवांस ऑर्डर भी दिए जा चुके हैं। जिसकी जानकारी खुद मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने दी है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर काफी समय से विचार किया जा रहा था, इसी को ध्यान में रखते हुए इस अस्पताल को बनाने का फैसला लिया गया। जिसमें पहले 200 बेड की व्यवस्था की जाएगी। इस अस्पताल के बनने से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलेगी।

बेहतर इलाज मिलेगा
रीवा के लोगों को इलाज के लिए टाटा मेमोरियल या भोपाल एम्स जाना पड़ता था, लेकिन रीवा में ही कैंसर अस्पताल बनने के बाद उनकी समस्या दूर हो जाएगी। यहां उन्हें बेहतर इलाज मिल सकेगा। करोड़ों की लागत से बन रहे इस अस्पताल में मरीज को कई सुविधाएं दी जाएंगी। कैंसर अस्पताल में 20 से 25 करोड़ की कई मशीनें लगाई जाएंगी। जिनकी मदद से कैंसर का पहले चरण में ही पता चल जाएगा। इसके साथ ही इसका इलाज भी शुरू हो जाएगा।
एक से डेढ़ साल में बनकर तैयार हो जाएगा
अस्पताल के बन जाने से रीवा के लोगों को अब इलाज के लिए टाटा मेमोरियल और भोपाल एम्स नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें रीवा में ही बेहतर इलाज मिल सकेगा, कैंसर अस्पताल अगले एक से डेढ़ साल में बनकर तैयार हो जाएगा।
करोड़ों रुपए की मशीनों से होगा इलाज
बता दें कि, कैंसर के इलाज के लिए कुछ महत्वपूर्ण मशीनों की जरूरत होती है। इनमें लीनियर एक्सीलेटर, कोबाल्ट मशीन, पीईटी स्कैन के साथ ही ब्रेकीथेरेपी मशीन भी शामिल है। अकेले लीनियर एक्सीलेटर मशीन की कीमत 50 से 60 करोड़ रुपए है।

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