राजधानी भोपाल में आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन: उचित मानदेय और सुविधा व वेतन वृद्धि जैसी समस्याओ के निवारण की मांग
भोपाल: मध्य प्रदेश की 84 हजार से ज्यादा आशा वर्कर सुपरवाइजर आज यानी बुधवार 7 मई को भोपाल में जुटेंगी। प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कार्यालय के सामने शुरू होगा। जहां मुख्यमंत्री द्वारा 29 जुलाई 2023 को घोषित 1000 वार्षिक वेतन वृद्धि, जो अभी तक लागू नहीं हुई है, का विरोध किया जाएगा। यह प्रदर्शन आशा-आशा सहयोगी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर किया जा रहा है।
आशा-आशा सहयोगी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से कार्यकर्ता भोपाल पहुंचने लगीं। सुबह से ही कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए एनएचएम कार्यालय के पास जुटने लगीं। लिंक रोड क्रमांक 3 पर पत्रकार कॉलोनी के सामने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय (एनएचएम) के सामने कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रही।
अभी भी नहीं मिल रहा उचित मानदेय, सुविधा
20 अप्रैल 2025 को आशा कार्यकर्ताओं को भारत में 20 साल पूरे हो जाएंगे, लेकिन मध्य प्रदेश की आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें अभी भी उचित मानदेय और सुविधा नहीं मिल रही है। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 1 अप्रैल 2024 से वेतन वृद्धि और राज्य कर्मचारियों को डीए में बढ़ोतरी का लाभ मिला है, लेकिन आशा कार्यकर्ताओं की मांगों पर सरकार चुप है।
राज्य सरकार ने नहीं निकाला समाधान
आशा कार्यकर्ताओं की अपील है कि मुख्यमंत्री या स्वास्थ्य मंत्री प्रतिनिधिमंडल से चर्चा कर इस मुद्दे का समाधान निकालें। संयुक्त मोर्चा की चेतावनी के बाद भी राज्य सरकार की ओर से कोई चर्चा आगे नहीं बढ़ाई गई है।
ये हैं संघ की मुख्य मांगें
- 1 जुलाई 2024 से 1000 वार्षिक वेतन वृद्धि (वेतन एरियर भुगतान) एरियर सहित दी जाए।
- आशा कार्यकर्ताओं को आंगनबाड़ी, लाडली बहना व अन्य योजनाओं की तरह समानता व सम्मान मिले।

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