‘पत्नी से झगड़े ने भर दी थी आत्महत्या की आग’ — पड़ोसियों का दर्दनाक बयान
मलिहाबाद। रहीमाबाद के रामनगर गांव में पत्नी से परेशान होकर 52 वर्षीय व्यक्ति ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह कर लिया। व्यक्ति को जलता देख पड़ोसियों ने किसी तरह उसे बचाकर अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
रामनगर गांव में 52 वर्षीय रतिराम अपनी पत्नी माधुरी और 15 वर्षीय बेटे के साथ रहकर मजदूरी करते थे। पति-पत्नी में अक्सर विवाद होता था। इस वजह से रतिराम काफी तनाव में रहते थे। गुरुवार की शाम करीब आठ बजे उनकी पत्नी माधुरी घर से बिना बताए कहीं चली गई।
रतिराम ने काफी खोजबीन की लेकिन कोई पता नहीं चला। तीन दिन तक पत्नी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली तो शनिवार की सुबह करीब छह बजे उन्होंने घर में रखा तारपीन का तेल अपने ऊपर डालकर खुद को आग लगा ली।
कुछ ही क्षणों में वह पूरी तरह आग की चपेट में आ गए। इस बीच वह शोर मचाते हुए घर से बाहर की ओर भागे। एक पड़ोसी ने उन्हें जलते देखा तो कंबल डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। इसके बाद एम्बुलेंस से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
घटना में रतिराम का शरीर करीब 70 प्रतिशत तक जल गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हालांकि, देर शाम तक परिवार ने थाने पर कोई तहरीर नहीं दी है।
दहशत में 15 वर्षीय बेटा शिवा
यह पूरी घटना रतिराम के 15 वर्षीय बेटे शिवा की आंखो के सामने हुई। घटना के बाद से शिवा दहशत में है। हादसे के बाद से वह बदहवास है।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक