कानपुर–लखनऊ डायवर्जन के बीच महत्वपूर्ण फाटकों पर गेटमैन की तैनाती तेज़
रायबरेली। अब उन रेलवे गेटों में गेटमैन बढ़ाए जाएंगे, जहां पर 50 हजार से अधिक लोगों का प्रतिदिन आवागमन होता है। इसको लेकर रेलवे प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे गेटमैन को राहत मिलेगी और आने वाली दिक्कतों में कमी आएगी।
जिन रेलवे फाटक से भारी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है, वहां रेलवे गेटमैन की संख्या बढ़ाई जाएगी। कभी- कभी अधिक थकान होने या गेटमैन को झपकी आने पर बिना गेट बंद हुए ट्रेन निकल जाती हैं। इस दौरान दुर्घटनाएं भी होती हैं।
इस पर विराम लगाने के लिए लखनऊ से रायबरेली, रायबरेली-ऊंचाहार, ऊंचाहार से कुंडा रेलमार्ग के साथ ही ऊंचाहार से कानपुर रेलमार्ग के उन रेलवे गेटों की सूची भी उच्चाधिकारियों ने मांगी है, जहां के रेलवे गेटों पर अतिरिक्त गेट मैन की तैनाती के साथ ही सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी।
गेट मैन को अब आठ-आठ घंटे ड्यूटी करनी होगी। इसकी तैनाती को लेकर गैंगमैन को गेट मैन बनने के लिए प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। सभी 50 हजार वाले रेलवे गेटों पर तीन-तीन गेटमैन तैनात किए जाएंगे।
सहायक मंडल इंजीनियर एसके पांडेय का कहना है कि समस्त 50 हजार आवागमन वाले रेलवे गेटों में अब तीन -तीन गेटमैन तैनात किए जाएंगे, अभी तक इन गेटों पर दो-दो ही तैनात रहते थे, जिन्हें 12 घंटे ड्यूटी करनी पड़ती थी।
अधिक आवागमन वाले रेलवे गेटों में गेटमैन के साथ ही सुविधाएं बढ़ाने के लिए उच्चाधिकारियों ने निर्देश दिए हैं। इसके अनुपालन के लिए सीनियर सेक्शन इंजीनियर से पत्राचार किया गया है।

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