कैमरून ही नहीं दुनियां के सबसे बुजुर्ग राष्ट्रपति पॉल बिया फिर चुनावी मैदान में, 43 साल से चला रहे सरकार
याउंडे। मध्य अफ्रीकी देश कैमरून के राष्ट्रपति पॉल बिया, जो वर्तमान में दुनिया के सबसे बुजुर्ग मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष (92 वर्ष) हैं, ने अक्टूबर 2025 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी आठवीं बार उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है। बिया 1982 से लगातार सत्ता में हैं और यदि वे इस बार भी जीतते हैं तो उनका कार्यकाल लगभग 100 वर्ष की आयु तक बढ़ सकता है।
बिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा, कि कैमरून के 10 क्षेत्रों और प्रवासी समुदाय की ओर से कई आग्रहपूर्ण संदेश मिले, जिसके बाद मैंने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। 1982 में राष्ट्रपति बने पॉल बिया ने अब तक कोई भी चुनाव नहीं हारा है। उनके नेतृत्व में कैमरून ने आर्थिक संकट से उबरने और एकदलीय शासन से बहुदलीय व्यवस्था की ओर कदम बढ़ाने जैसी उपलब्धियां हासिल कीं हैं।
हालांकि, उनके शासन पर भ्रष्टाचार, गबन, खराब प्रशासन और असुरक्षा जैसे आरोप भी लगते रहे हैं। 2008 में कार्यकाल सीमा समाप्त कर दी गई थी, जिससे उन्हें लगातार पुनर्निर्वाचित होने का मौका मिलता रहा। उनके स्वास्थ्य को लेकर भी कई बार सवाल उठे हैं। पिछले वर्ष वे करीब छह सप्ताह तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए। उस दौरान सरकार ने मीडिया को राष्ट्रपति के स्वास्थ्य पर रिपोर्ट करने से मना कर दिया और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला करार दिया।
राष्ट्रपति के लंबे समय तक विदेश में रहने की आदत भी विवादों का कारण रही है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने 2006 और 2009 जैसे वर्षों में लगभग एक-तिहाई समय देश से बाहर बिताया। इन अनुपस्थितियों के दौरान कई महत्वपूर्ण घटनाओं, जैसे 2016 की रेल दुर्घटना जिसमें 75 लोगों की मौत हुई थी, पर उनका कोई प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं दिखा।
इसके अलावा, कैमरून के अंग्रेज़ी भाषी प्रांतों में भेदभाव और हाशिए पर रखे जाने के विरोध में हिंसक आंदोलन हुए। इन प्रदर्शनों से अलगाववादी विद्रोह को भी बल मिला। मौजूदा समय में देश बढ़ती जीवन-यापन लागत, उच्च बेरोजगारी और राजनीतिक असंतोष से जूझ रहा है।
इस बार का चुनाव बिया के लिए पहले जितना आसान नहीं माना जा रहा। उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सहयोगी इस्सा चिरोमा बाकरी तथा पूर्व प्रधानमंत्री बेलो बौबा मैगारी ने बगावत कर दी है और स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। बाकरी ने बयान दिया—एक देश हमेशा एक ही व्यक्ति से नहीं चल सकता।

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