म.प्र.सरकार का फैसला: महिलाएं भी रोजगार के अवसरों में शामिल, आर्थिक स्वतंत्रता को मिलेगी शक्ति
भोपाल । मध्य प्रदेश में अब महिलाएं रात में भी काम कर सकेंगी। कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद पटेल ने मंगलवार को विधानसभा में श्रम विधियां संशोधन विधेयक पेश किया। जिसे सदन में पास कर दिया गया है, इस विधेयक के पारित होने पर अब महिलाएं दिन और रात सभी शिफ्टों में जरूरत के हिसाब से काम कर सकेंगी। मध्य प्रदेश विधानसभा ने एक बिल पास किया है जिसके तहत महिलाएं अब कुछ शर्तों के साथ रात में भी काम कर सकेंगी। यह बिल दुकान और स्थापना अधिनियम, 1958 और कारखाना अधिनियम, 1948 के तहत रात्रि पाली में महिलाओं को नियोजित करने की शर्तों में संशोधन करता है।
महिला सशक्तिकरण के लिए बेहद जरूरी था
वहीं विधेयक पास होने के दौरान प्रह्लाद पटेल ने कहा, ‘यह बदलाव महिला सशक्तिकरण और रोजगार के समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी था। महिला कर्मियों की सुरक्षा और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करना कंपनियों की जिम्मेदारी होगी।
श्रम विभाग ने जारी किए थे निर्देश
इसके पहले मध्य प्रदेश के श्रम विभाग ने सशर्त महिलाओं को रात में काम करने की अनुमति दी थी। श्रम विभाग के जारी निर्देशों के मुताबिक रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक दुकानों और शोरूम में काम करने वाली महिला कर्मचारियों की संख्या कम से कम 10 होनी चाहिए। कारखानों के लिए समय रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक रखा गया है। कारखानों में काम करने वाली महिलाओं की प्रत्येक शिफ्ट में एक-तिहाई महिला सुपरवाइजर, शिफ्ट इंजार्ज या फोरमैन होना अनिवार्य है।

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