पितृपक्ष में कौन-सा दान करने से घर में आए सुख-शांति और आर्थिक समृद्धि
पितृपक्ष 7 सितंबर, रविवार से आरंभ हो रहा है. इस अवधि में लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए विशेष पूजा और दान-पुण्य करते हैं. ऐसा माना जाता है कि पितृपक्ष में किया गया दान और पुण्य कार्य पूर्वजों को प्रसन्न करता है और जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य लाता है.
पितृपक्ष में दान-पुण्य करने से पूर्वजों की विशेष कृपा प्राप्त होती है. ऐसा माना जाता है कि इससे जीवन की कठिनाइयाँ कम होती हैं और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है. इस अवधि में किए गए दान-पुण्य से पूर्वजों का आशीर्वाद हमेशा बना रहता है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
गरुड़ पुराण और अन्य शास्त्रों के अनुसार, पितरों के लिए वस्त्र का दान अत्यंत लाभकारी माना गया है. पितृपक्ष में दुपट्टा और धोती का दान करने से पितरों की कृपा हमेशा जातक पर बनी रहती है और इसके प्रभाव से जीवन में खुशहाली और समृद्धि आती है.
धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितरों के नाम पर छतरी का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. ऐसा करने से जीवन में कई बाधाएँ दूर होती हैं, जातक को सुख-शांति प्राप्त होती है और परिवार में खुशहाली बनी रहती है.
पितृपक्ष में श्राद्ध कर्म में काले तिल का विशेष महत्व है. मान्यता है कि पितरों की तृप्ति के लिए काले तिल का दान अवश्य करना चाहिए. यदि अन्य वस्तुएँ दान न कर पाएं, तब भी काले तिल का दान करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है.
पितृपक्ष में यदि घर में झगड़े, समस्याएँ या आर्थिक तंगी हो तो गुड़ और नमक का दान करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है. ऐसा करने से परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरती है, घर का माहौल खुशनुमा बनता है और पूर्वजों की कृपा से जीवन में संतुलन और शांति आती है.
पितृपक्ष में चांदी, दूध और चावल का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है. ऐसा दान करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे जीवन में सौभाग्य, सुख और शांति बनी रहती है.

संसद में NEET विवाद पर बढ़ा सियासी टकराव, राहुल गांधी की बैठक से क्या निकलेगा हल?
CJP प्रोटेस्ट विवाद: सरकार ने कहा- संवाद के रास्ते खुले, 4 बार भेजा बातचीत का न्योता
हापुड़ में 6 साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म प्रयास, पुलिस ने दर्ज किया केस
शिक्षा पर कितना निवेश, कितना बदलाव? मोदी सरकार के 12 साल का डेटा आया सामने
झाबुआ रेल विवाद: 6 घंटे इंतजार के बाद यात्रियों ने रोका ट्रैक, बोले- लोकल को दी जा रही प्राथमिकता
अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन की सजा पर अब अगली तारीख, कोर्ट में क्यों टला फैसला?
'युवा सीधे संवाद चाहते हैं', विक्रमादित्य सिंह ने PM मोदी को दिया सुझाव
₹35 हजार का जुर्माना और 1000 लोगों को भोज, छत्तीसगढ़ से सामने आया चौंकाने वाला मामला
आलिया भट्ट, माधवन समेत कई सेलेब्स आए छात्रों के समर्थन में, सोशल मीडिया पर रखी राय