‘मायावती को दीं गालियां, दलित लड़कियों का शोषण किया’; चंद्रशेखर रावण पर रोहिणी घावरी ने लगाए गंभीर आरोप
इंदौर। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की नगीना लोकसभा सीट (Nagina Lok Sabha Seat) से सांसद और भीम आर्मी (Bhim Army) के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) पर इंदौर (Indore) की पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी (Dr. Rohini Ghavri) ने उत्पीड़न, धोखेबाजी और कई दलित लड़कियों के शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉ. रोहिणी का कहना है कि चंद्रशेखर ने शादी का झांसा देकर उनके साथ व्यक्तिगत संबंध बनाए और उन्हें धोखे में रखा। उन्होंने यह भी दावा किया है कि उनके पास चंद्रशेखर के खिलाफ वीडियो के रूप में पुख्ता सबूत हैं, जिसमें वे बहुजन समाज पार्टी और इसकी सुप्रीमो मायावती के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
डॉ. रोहिणी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह जून से ही चंद्रशेखर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश कर रही हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने पर उन्होंने वकील की सलाह पर दिल्ली की एक अदालत में याचिका दायर की है। उन्होंने उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा है कि वह किसी राजनीतिक दल के इशारे पर यह सब कर रही हैं। रोहिणी ने कहा, “मेरी लड़ाई किसी पार्टी के लिए नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ है। अगर किसी को लगता है कि मैं किसी के कहने पर काम कर रही हूं, तो वे इसे सबूतों के साथ समाज के सामने साबित करें।”
रोहिणी ने दावा किया कि चंद्रशेखर ने उनके अलावा भी कई दलित लड़कियों का शोषण किया है। उन्होंने कहा, “मेरी कुछ ऐसी लड़कियों से बात हुई है, जिन्हें मेरी तरह ही शादी का झांसा देकर रिश्ते में रखा गया और बाद में छोड़ दिया गया।” उन्होंने 2017 के एक मामले का भी जिक्र किया, जिसमें सहारनपुर की एक जाटव लड़की ने चंद्रशेखर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन गरीब होने के कारण उसकी आवाज दबा दी गई।
डॉ. घावरी ने चंद्रशेखर की शादी को लेकर भी चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि चंद्रशेखर ने अपनी शादी की बात छिपाई थी और इसे एक ‘कॉन्ट्रैक्चुअल मैरिज’ बताया था, जिससे वह जल्द छुटकारा पाना चाहते थे। रोहिणी के अनुसार, चंद्रशेखर की मां ने भी एक इंटरव्यू में कहा था कि उनके बेटे की शादी नहीं हुई है, जबकि चंद्रशेखर को एक बेटा भी है।
रोहिणी ने यह भी आरोप लगाया कि चंद्रशेखर ने बसपा सुप्रीमो मायावती के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा, “मेरे पास ऐसे वीडियो हैं, जिन्हें मैं जांच एजेंसियों को देने के लिए तैयार हूं। वह (चंद्रशेखर) नहीं चाहते थे कि कोई और दलित लीडरशिप में आगे बढ़े और इसीलिए वे मायावती जी की छवि खराब करने की कोशिश करते थे।”

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