उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सुकमा जिले के सुदूर वनांचल ग्राम दुलेड कैम्प का किया निरीक्षण
रायपुर : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा आज अपने एकदिवसीय प्रवास पर सुकमा जिले के सुदूर वनांचल ग्राम दुलेड पहुंचे। जहां उन्होंने सीआरपीएफ के कैम्प का निरीक्षण किया। उन्होंने कैम्प में जवानों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। उन्होंने जवानों को कठिन परिस्थितियों और मुश्किलों के बाद भी लाल आतंक को जड़ से उखाड़ने के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आप लोगों के साहस और संवेदनशीलता का ही परिणाम है कि आज राज्य के कई जिले अब नक्सल आतंक से मुक्त हो गए हैं।
ग्रामीणों को अब असल विकास का अहसास
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने जनचौपाल लगाकर दुलेड के ग्रामीणों से सीधी चर्चा भी की। जहां उन्होंने कहा कि दुलेड में कैंप खुलने के बाद यहां आमूल चूल परिवर्तन आया है। कई सालों तक नक्सलियों ने गांव तक बिजली, पेयजल, सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं को आने से रोका, शिक्षा का प्रकाश फैलाने वाले शिक्षादूतों को मारा लेकिन अब हमारे ग्राम तैयार हैं, हम सभी को मिलकर गांव के विकास के लिए कार्य करना है। सरकार भी क्षेत्र के सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध होकर लगातार कार्य कर रही है ताकि यहां के लोगों को अपने वन उत्पादों का उचित मूल्य एवं शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त हो। इस अवसर पर ग्रामीणों ने बताया कि अब गांव में उन्हें असल विकास का अहसास हो रहा है। हमें सभी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है।
शासन द्वारा वनांचल के विकास के लिए अनेक योजनाएं
ग्रामीण अब विकास की मुख्यधारा में जुड़ने के लिए अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग के सभी जिलों में सभी जनप्रतिनिधि आदिम समाज से ही संबंधित हैं और संविधान के द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अनुसार यहां केवल आदिवासी वर्ग के लोग ही यहां जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं और सौभाग्य से हमारे राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी आज आदिवासी वर्ग के ही हैं। ऐसे में यदि कोई भोले भाले ग्रामीणों को बहकाकर हिंसा के मार्ग पर ले जाता है, शिक्षा कार्य करने वाले शिक्षादूतों की हत्या करता है, तो वह आपको मार्ग से भटकाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा वनांचल वासियों के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रहीं है।
इलवद ग्राम योजना के लिए विकास कार्यों को प्राथमिकता
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लोगों से आह्वाहन किया कि वे अपने गांवों के भटके युवाओं को मुख्यधारा में आने के लिए प्रोत्साहित करें। विगत दिनों दो दिन में 300 से अधिक लोग हथियार त्याग कर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं, जिनका उनके ग्राम के गायता, पुजारी, पटेल द्वारा पारम्परिक रूप से स्वागत किया गया। शासन ने भी समर्पण करने वालों के लिए खुशी से अपनी बाहों को खोल रखा है और उनके पुनर्वास के लिए संवेदनशील पुनर्वास नीति भी तैयार की है। उन्होंने सभी को बताया कि शासन की इलवद ग्राम योजना से अब नक्सल मुक्त ग्रामों के लिए एक करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा की गई है, इससे गांव में बारहमासी सड़कें, पेयजल, परिवहन आदि की व्यवस्था की जाएगी। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ग्रामीण युवाओं को खेल उपकरणों का भी वितरण किया।

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