कबीरधाम जिले में धान खरीदी के साथ भुगतान की भी हुई शुरुआत, किसानों को 06 करोड़ रूपए हुए जारी
रायपुर : इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू, पारदर्शी और तीव्र गति से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की किसान केंद्रित नीतियों का प्रत्यक्ष प्रभाव कबीरधाम जिले में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सुगम व्यवस्था, तकनीकी सुविधाओं और समय पर भुगतान ने किसानों के बीच भरोसा और उत्साह दोनों बढ़ाया है।
धान खरीदी अभियान शुरू होते ही मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार धान खरीदी में भुगतान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और इसका लाभ कबीरधाम जिले के किसानों को मिल रहा है। सरकार की पारदर्शी और त्वरित भुगतान व्यवस्था के चलते समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों के खातों में अब तक 6 करोड़ 06 लाख रुपए सीधे जारी किए जा चुके हैं। समय पर भुगतान मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और खेती के प्रति उनका विश्वास और उत्साह बढ़ा है।
कवर्धा में धान खरीदी के लिए कुल 108 धान उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 90 केंद्र सहकारी समितियों के माध्यम से सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं। प्रत्येक केंद्र पर तौल, बारदाना, परिवहन और गुणवत्ता परीक्षण की व्यवस्था को मजबूत किया गया है, ताकि किसान बिना किसी कठिनाई के अपना धान बेच सकें। प्रशासन और समितियों की सक्रियता तथा मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों ने धान खरीदी को गति दी है और भुगतान प्रक्रिया को पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज कर दिया है। जिससे किसानों में बहुत उत्साह है।

राशिफल 29 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण