विद्युत बिल कलेक्शन में बाराबंकी की राजश्री शुक्ला नंबर-1, कमाए 7 लाख रुपये
लखनऊ। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का विद्युत सखी कार्यक्रम, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ विद्युत विभाग के लिए भी सहयोगी साबित हो रहा है। वर्ष 2020 से अब तक विद्युत सखियों द्वारा विद्युत बिल वितरण कंपनियों (डिस्काम) के लिए 2400 करोड़ से अधिक का राजस्व कलेक्शन किया जा चुका है।
इस साल अक्टूबर तक 701 लाख रुपये की बिल राशि जमा कर बाराबंकी के रामनगर विकास खंड की विद्युत सखी राजश्री शुक्ला पहले नंबर पर रही हैं। आजीविका मिशन के अनुसार, राजश्री श़ुक्ला ने 28,567 बिलों का कलेक्शन कर 7.54 लाख रुपये का कमीशन अर्जित किया है।
वहीं दूसरे नंबर पर रही अमेठी के जगदीशपुर ब्लाक की विद्युत सखी सोनी द्विवेदी ने 18,416 बिलों की 680 लाख रुपये की धनराशि का कलेक्शन कर 7.22 लाख रुपये का कमीशन और तीसरे नंबर पर रही रामपुर के स्वार ब्लाक की विद्युत सखी मिशार जहां ने 19,309 विद्युत बिलों की 575 लाख रुपये का कलेक्शन कर 6.97 लाख रुपये का कमीशन प्राप्त किया है।
वहीं, आगरा के खंदौली ब्लाक की विद्युत सखी कुसुमलता चौथे, बाराबंकी के फतेहपुर ब्लाक की विद्युत सखी लक्ष्मी देवी पांचवें, रामपुर के स्वार ब्लाक की विद्युत सखी सविता देवी छठवें, बागपत की विद्युत सखी रजनी सातवें, मेरठ के राजपुरा ब्लाक की विद्युत सखी संगीता आठवें, बुलंदशहर की विद्युत सखी गीता रानी नवें और आगरा के फतेहपुर सीकरी ब्लाक की विद्युत सखी विनेश दसवें स्थान पर रही हैं।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को और महिलाओं को विद्युत सखी बनाने की दिशा में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

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