प्रदूषण बढ़ा, दिल्लीवासियों को सांस लेने में दिक्कत, 37 इलाके रेड जोन में
दिल्ली वालों पर प्रदूषण का कहर लगातार जारी है. बढ़ते प्रदूषण से लोगों की हालत खराब है. राजधानी में घर से बाहर निकलने पर लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है. यही नहीं प्रदूषण की वजह से लोगों को और भी कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ रहा है. लोगों को आंखों में जलन और गले में खराश जैसी दिक्कतें हो रही हैं. वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार गंभीर श्रेणी में बना हुआ है. aqi.in के मुताबिक आज भी दिल्ली का AQI 438 है, जो खतरनाक में है.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के समीर ऐप के मुताबिक सुबह 8 बजे दिल्ली का AQI 362 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है. हालांकि, सोमवार के मुकाबले मंगलवार को दिल्ली की हवा में मामूली सुधार हुआ है, लेकिन इथियोपिया में ज्वालामुखी विस्फोट से उठी राख के बादल की वजह से AQI पर असर पड़ने की चिंता पैदा हो गई है, जो राजधानी और इसके आसपास के शहरों में कई दिनों से ‘गंभीर’ श्रेणी के करीब बना हुआ है.
37 इलाकों में 300 के पार AQI
समीर ऐप पर सुबह 8 बजे लिस्टेड दिल्ली के 39 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 37 पर AQI 300 के पार है, जो बहुत खराब’ श्रेणी में है. दिल्ली के रोहिणी स्टेशन पर सबसे ज्यादा AQI 416 दर्ज किया गया, साथ ही आनंद विहार का AQI 400 है. वहीं सबसे कम मंदिर मार्ग पर 289 AQI है. आज अलीपुर का AQI- 360, अशोक विहार का 385, आया नगर का 345, बवाना का 389, बुराड़ी क्रॉसिंग का 381, चांदनी चौक का 356, मथुरा रोड का 366, कर्णी सिंह का 375, डीटीयू का 396, द्वारका-सेक्टर 8 का 378, आईटीओ का 378, जहांगीरपुरी का 399, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम का 360, लोधी रोड का 322 है.
इसके अलावा भी कई इलाकों का AQI 300 के पार है, जो रेड जोन में हैं. वहीं नोएडा का AQI 388, गाजियाबाद का AQI 361, गुरुग्राम का 311 AQI है. वहीं मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इथियोपिया के हेली गुब्बी ज्वालामुखी से निकली ज्वालामुखी की राख का एक घना बादल, जो हजारों सालों में पहली बार फटा था. सोमवार रात उत्तर-पश्चिम भारत पहुंच गया, जिससे पहले से ही बहुत खराब AQI पर असर पड़ने की चिंता बढ़ गई है.
ज्वालामुखी की राख का असर?
हालांकि, जब IMD के डायरेक्टर जनरल एम महापात्रा ने सोमवार को बताया कि दिल्ली के AQI पर ज्वालामुखी की राख का असर होने की संभावना नहीं है. क्योंकि धुएं के गुबार ऊपरी लेवल पर थे, इसलिए लोगों को सतह के पास कोई खास असर नहीं दिखेगा. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक IMD के डायरेक्टर जनरल एम महापात्रा ने कहा कि शहरों पर इसका असर मुख्य रूप से टेम्परेचर में मामूली बढ़ोतरी होगी. उन्होंने कहा, “बादलों की तरह, मिनिमम टेम्परेचर भी बढ़ेगा. यह साफ नहीं है कि इसका एयर क्वालिटी पर असर पड़ेगा या नहीं, लेकिन कोई खास असर होने की उम्मीद नहीं है क्योंकि यह ऊंचे लेवल पर है.

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