निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के कार्यक्रम पर हाई अलर्ट, बाबरी मस्जिद की नींव बनी चर्चा का केंद्र
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में आज टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा ‘बाबरी मस्जिद’ की नींव रखे जाने का कार्यक्रम हो रहा है। इस शिलान्यास को लेकर पहले ही विवाद छिड़ चुका है और तनाव की आशंका को देखते हुए जिले में बड़ी संख्या में सुरक्षा बल लगाया गया है। यह दिन 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस की वर्षगांठ होने के कारण बेहद संवेदनशील है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
हुमायूं कबीर ने नवंबर के अंत में यह ऐलान किया कि वे 6 दिसंबर को बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति बनाने की नींव रखेंगे। उन्होंने कहा किया कि यह मस्जिद 3-4 साल में पूरी हो जाएगी। टीएमसी ने इसे सांप्रदायिक राजनीति बताते हुए 4 दिसंबर को कबीर को पार्टी से निलंबित कर दिया। वहीं, शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने कार्यक्रम पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और कहा था कि कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।
हुमायूं कबीर द्वारा ‘बाबरी मस्जिद’ की नींव रखने का कार्यक्रम
मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा ‘बाबरी मस्जिद’ की तर्ज पर एक मस्जिद की नींव रखने का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कबीर ने इसे “बाबरी मस्जिद जैसी” मस्जिद बनाने का ऐलान किया है। टीएमसी से निलंबन के बावजूद कबीर अपनी बात पर डटे हुए हैं। उन्होंने कहा “मैं गिरफ्तार हो जाऊं या मारा जाऊं, कार्यक्रम होगा।” इसी के साथ वे अपनी नई पार्टी भी लॉन्च करने की बात भी कह चुके हैं।
कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं लोग
आज सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर हलचल है। हुमायूं कबीर के समर्थकों ने मंच सजाया है और लोग वहां पहुंच चुके हैं। स्थानीय लोग ईंटें, सीमेंट लेकर आ रहे हैं। आयोजकों के मुताबिक इस कार्यक्रम में 3 लाख लोग जुट सकते हैं। खबरों के मुताबिक सऊदी अरब से आए मौलाना भी इसमें शामिल हो रहे हैं। आयोजन में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए लगभग 60 हजार लोगों के लिए बिरयानी बनाए जाने की तैयारी की गई है। इसमें 40 हजार मेहमान और लगभग 20 हजार स्थानीय लोगों के शामिल होंने की संभावना है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। रैपिड एक्शन फोर्स की टीमें रैनागर, बेलडांगा और एनएच-12 के रास्तों पर तैनात हैं। लगभग तीन हज़ार वॉलंटियर ट्रैफिक कंट्रोल कर रहे हैं वहीं केंद्रीय बल भी मौजूद है। पुलिस ने कहा है कि शांति बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
बीजेपी-कांग्रेस दोनों ने किया विरोध
बीजेपी ने इस प्रस्तावित मस्जिद-शिलान्यास को तीखी निंदा की है। पार्टी का कहना है कि यह कदम जानबूझकर सामाजिक-सांप्रदायिक तनाव और अशांति को भड़काने की कोशिश है। कई पार्टी नेताओं ने इसे हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला और चुनावी साजिश करार दिया है। वहीं कांग्रेस भी इस कार्यक्रम की आलोचना करते हुए इसका विरोध किया है।
ममता बनर्जी ने कहा “शांति और सद्भाव बनाए रखें”
पं.बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस मामले में पहले ही कह चुकी हैं कि वो सांप्रदायिक राजनीति नहीं करते हैं। आज उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्वीट करते हुए कहा है कि “मैं सभी को ‘संगठन दिवस’ / ‘संप्रीति दिवस’ के अवसर पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई देती हूँ। बंगाल की भूमि एकता की भूमि है। यह भूमि रवींद्रनाथ की भूमि है, नजरुल की भूमि है, रामकृष्ण विवेकानंद की भूमि है। यह भूमि कभी भी विभाजन के सामने सिर नहीं झुकाती, और आने वाले समय में भी नहीं झुकाएगी। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध हम सब बंगाल में कंधे से कंधा मिलाकर चलना जानते हैं। खुशियाँ हम बाँटते हैं, क्योंकि हम मानते हैं कि धर्म व्यक्तिगत है, लेकिन त्योहार सभी के होते हैं। जो लोग साम्प्रदायिकता की आग भड़काकर देश को बर्बाद करने के खेल में लगे हैं, उनके खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। सभी शांति और सद्भाव बनाए रखें।

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