इंडिगो के निवेशकों के लिए बुरी खबर, DGCA के फैसले से 14 हजार करोड़ का नुकसान
इंडिगो एयरलाइंस की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के निवेशकों के लिए सोमवार, 8 दिसंबर की सुबह थोड़ी भारी रही. बाजार खुलते ही कंपनी के शेयरों में काफी दबाव दिखा और BSE पर यह स्टॉक करीब 7% गिरकर 5,015 रुपये के इंट्राडे लो तक पहुंच गया.शुक्रवार को कंपनी का मार्केट कैप 2,07,649.40 करोड़ था जो सोमवार को सुबह के कारोबार में 1,93,875.18 करोड़ हो गया. इस बीच कंपनी को 13,774.22 करोड़ का नुकसान हुआ है |यह गिरावट तब सामने आई जब एविएशन रेगुलेटर DGCA ने इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स को कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए दी गई समयसीमा एक दिन बढ़ाई |
DGCA की कड़ी नजर, जवाबदेही पर बड़ा सवाल
DGCA ने हाल ही में देशभर में हुई हजारों यात्रियों पर असर डालने वाली भारी उड़ान रुकावटों को लेकर इंडिगो से कड़े सवाल पूछे हैं. रेगुलेटर ने CEO पीटर एल्बर्स को नोटिस भेजकर पूछा था कि एयरलाइन इतनी बड़ी अव्यवस्था को रोकने में क्यों नाकाम रही. सबसे बड़ा झटका उस दिन लगा जब इंडिगो ने एक ही दिन में 1,000 से अधिक फ्लाइट रद्द कर दीं, जो भारतीय एविएशन इतिहास में किसी भी एयरलाइन द्वारा की गई सबसे अधिक रोजाना कैंसलेशन की संख्या थी. DGCA के अनुसार यह पूरा संकट पायलटों के लिए बदले गए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों को सही ढंग से लागू न कर पाने से पैदा हुआ |
नए नियमों में रात की ड्यूटी का समय बढ़ाना, रात में होने वाली लैंडिंग की संख्या घटाना और पायलटों को ज्यादा आराम देने जैसी चीजें शामिल थीं. DGCA का कहना है कि इंडिगो इन बदलावों की तैयारी ठीक से नहीं कर पाई, जिससे पूरे नेटवर्क में अफरा-तफरी मच गई |
रेगुलेटर की चेतावनी – समयसीमा से ज्यादा राहत नहीं
DGCA ने CEO एल्बर्स से 24 घंटे में जवाब देने को कहा था, जिसे अब एक दिन और बढ़ाया गया है. लेकिन चेतावनी भी साफ है कि सोमवार शाम 6 बजे के बाद कोई और एक्सटेंशन नहीं मिलेगा. अगर एयरलाइन तय समय में जवाब नहीं देती, तो DGCA एकतरफा कार्रवाई भी कर सकती है. एयरलाइन के अकाउंटेबल मैनेजर को भी अलग से नोटिस भेजा गया है, जिससे साफ दिखता है कि रेगुलेटर इस पूरी घटना को बेहद गंभीरता से ले रहा है |
उड़ानें पटरी पर लाने की कोशिशें तेज
दूसरी ओर इंडिगो का दावा है कि हालात सुधर रहे हैं और इसका फ्लाइट नेटवर्क 10 दिसंबर तक स्थिर हो जाएगा, जो पहले बताई गई 15 दिसंबर की समयसीमा से काफी पहले है. कंपनी के अनुसार ऑन-टाइम परफॉर्मेंस में बड़ा सुधार हुआ है. पिछले दिन जहां समय पर उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स सिर्फ 30% थीं, वहीं अब यह बढ़कर करीब 75% तक पहुंच गई हैं |
इंडिगो ने यह भी बताया कि ऑपरेशनल स्टेबिविटी लौटाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. एयरलाइन ने यात्रियों से हुई परेशानी के लिए माफी भी मांगी है और कहा है कि स्थिति जल्द पूरी तरह सामान्य हो जाएगी |
निवेशकों में चिंता – शेयरों में तेज गिरावट
DGCA की कार्रवाई, नेटवर्क में अव्यवस्था और ऑपरेशनल गड़बड़ियों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. यही वजह है कि सुबह के कारोबार में इंटरग्लोब एविएशन के शेयर लगभग 7% तक फिसल गए. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक फ्लाइट ऑपरेशन पूरी तरह पटरी पर नहीं आते और DGCA का मामला शांत नहीं होता, तब तक शेयर पर दबाव बना रह सकता है |

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