घने कोहरे में भी सुरक्षित सफर! दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर NHAI के नए कदम
दिल्ली | ठंड में कोहरे के चलते विजिबिलिटी कम हो जाती है | ऐसे में कई बार गाड़ियां नजर नहीं आती और सड़क हादसे हो जाते हैं. इसी को देखते हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने लोगों को अलर्ट करने का फैसला किया है | प्राधिकरण की ओर से अलग-अलग जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्पले लगाकर कोहरे और विजिबिलिटी से जुड़ी जानकारी दिखानी शुरू की गई है, ताकि इससे ड्राइवर समय रहते सतर्क हो जाएंगे |
इसके साथ ही एनएचएआई ने वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाने के अभियान को भी तेज कर दिया है. एक्सप्रेसवे की एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स के पास डिवाइडरों पर भी भी रिफ्लेक्टर टेप चिपकाए जा रहे हैं, जिससे रात और कोहरे के दौरान वाहन चालकों को रास्ता साफ नजर आए और वह अलर्ट हो जाएं. इसके साथ ही सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए अलग-अलग टीमों को पेट्रोलिंग पर लगाया गया है |
कोहरे में सड़क हादसों का खतरा
पेट्रोलिंग टीमें माइक से भी रास्ते में आगे कोहरा होने की जानकारी दे रही हैं | कोहरे की वजह से अक्सर सड़क हादसों की जानकारी सामने आती है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कोहरे में सड़क हादसों का खतरा और बढ़ जाता है. ऐसे में सतर्कता की जरूरत होती है, क्योंकि इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार आमतौर पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा रहती है. एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद से अब तक तेज रफ्तार और कम विजिबिलिटी के चलते कई बड़े हादसे हो चुके हैं |
चालकों को अलर्ट किया जा रहा
अब पिछले कुछ दिनों से शाम ढलते ही हल्का कोहरा छाने लगा है और रात बढ़ने के साथ विजिबिलिटी तेजी से कम होती जा रही है. इसी वजह से प्राधिकरण ने सूचना डिस्प्ले सिस्टम और बाकी चीजों से चालकों को अलर्ट कर रहा है. एनएचएआई सोहना के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पी.के. कौशिक ने बताया कि वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए पंपलेट भी बांटे जा रहे हैं |
रिफ्लेक्टर लगाने के दौरान ड्राइवरों को यह भी समझाया जा रहा है कि कोहरे में रफ्तार कम रखना, हेडलाइट को लो-बीन मोड पर चलाना और वाहन दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है. एनएचएआई का कहना है कि सुरक्षा के ये इंतजाम आगे आने वाले दिनों में और मजबूत किए जाएंगे, ताकि कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम किया जा सके |

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