‘लिटिल फुट’ जीवाश्म मानव पूर्वज की नई प्रजाति हो सकता है: अध्ययन
मेलबर्न/जोहान्सबर्ग । मानव विकास के इतिहास को लेकर एक अहम खोज सामने आई है। दुनिया के सबसे पूर्ण होमिनिन जीवाश्मों में से एक माने जाने वाले ‘लिटिल फुट’ को लेकर वैज्ञानिकों का मानना है कि यह मानव पूर्वज की अब तक अज्ञात प्रजाति हो सकती है। ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं की अगुवाई में किए गए इस अध्ययन ने मानव विकास वृक्ष को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
‘लिटिल फुट’ कंकाल को वर्ष 2017 में सार्वजनिक रूप से पेश किया गया था। इसके पैर की हड्डियां 1994 में दक्षिण अफ्रीका के स्टरकफॉन्टेन गुफा क्षेत्र में मिली थीं। इसके बाद करीब 20 वर्षों तक चली खुदाई के बाद यह लगभग पूर्ण कंकाल सामने आया। इसे अब तक का सबसे संपूर्ण ऑस्ट्रालोपिथेकस कंकाल माना जाता है। अब तक वैज्ञानिकों के बीच इस बात को लेकर मतभेद रहे हैं कि ‘लिटिल फुट’ किस प्रजाति से संबंधित है। कुछ विशेषज्ञ इसे ऑस्ट्रालोपिथेकस प्रोमेथियस मानते रहे हैं, जबकि अन्य का कहना था कि यह 1925 में पहचानी गई ऑस्ट्रालोपिथेकस अफ्रीकैनस प्रजाति का हिस्सा है, जिसके जीवाश्म उसी गुफा क्षेत्र में पहले भी मिल चुके हैं।
हालांकि, अमेरिकन जर्नल ऑफ बायोलॉजिकल एंथ्रोपोलॉजी में प्रकाशित नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि ‘लिटिल फुट’ की शारीरिक बनावट दोनों ज्ञात प्रजातियों से अलग है। अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. जेसी मार्टिन के अनुसार, खोपड़ी के पीछे के हिस्से सहित कई संरचनात्मक अंतर इस ओर इशारा करते हैं कि यह एक नई, अब तक नमूना न ली गई मानव पूर्वज प्रजाति हो सकती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह खोज मानव परिवार वृक्ष की एक पूरी नई शाखा को उजागर कर सकती है। हालांकि, उन्होंने औपचारिक रूप से नई प्रजाति का नामकरण नहीं किया है और कहा है कि यह कार्य उस टीम को करना चाहिए, जिसने दो दशकों से अधिक समय तक इस जीवाश्म पर काम किया है।

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