दिल्ली दंगों से पहले लिया था दूरी का फैसला, शरजील इमाम का बड़ा खुलासा
दिल्ली ।दिल्ली की एक अदालत में 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश मामले में आरोपी शरजील इमाम ने गुरुवार को चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि सीएए विरोधी प्रदर्शनों से उन्होंने हिंसा भड़कने से काफी पहले ही किनारा कर लिया था, क्योंकि साथी आरोपियों ने ही उन्हें दूर रहने की सलाह दी थी। उन्हें बताया गया कि उनके भाषणों से आंदोलन को 'सांप्रदायिक रंग' मिल रहा था, जो इसे आंदोलन को पहुंचा सकता था।
क्यों आंदोलन से पीछे हटे?
शरजील के वकील तालिब मुस्तफा ने जज समीर बाजपेई के सामने दलील दी कि जनवरी 2020 के शुरू में ही शरजील ने आंदोलन से दूरी बना ली थी। वकील ने कहा कि अभियोजन की अपनी चार्जशीट में भी शरजील को बीच में ही साइडलाइन कर दिया गया दिखाया गया है। फरवरी में दंगे भड़के, लेकिन शरजील का रोल तो दिसंबर 2019 तक सीमित था।
उमर खालिद से दूरियां साफ कीं
केस में एक नया ट्विस्ट आया जब शरजील ने पूर्व जेएनयू छात्र उमर खालिद से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया। पुलिस का दावा है कि उमर ने शरजील को 'मेंटर' बनाया, लेकिन वकील ने कहा ,' दोनों के बीच कोई कॉल रिकॉर्ड या कोई मीटिंग नहीं हुई। जेएनयू कैंपस में भी दोनों के बीच छह साल से बात तक नहीं हुई।' यह पहली बार है जब शरजील ने साथी आरोपियों से दूरी बनाई है।उमर खालिद मेरा गुरु नहीं; दिल्ली की अदालत में शरजील इमाम
'हिंसा से कोई लेना-देना नहीं'
वकील ने जोर देकर कहा कि शरजील ने हमेशा अहिंसा की बात की। चुनाव नजदीक थे, इसलिए भीड़ बढ़ाने या हिंसा की कोई अपील नहीं की। शरजील के रहते प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे। शरजील का रोल सिर्फ शाहीन बाग और जामिया में भाषण देने वालों का का कोऑर्डिनेशन करना था। पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप (डीपीएसजी) से भी दूर थे वे, उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध के लिए अपना अलग ग्रुप बनाया।पुलिस कहती है कि प्रदर्शन ट्रंप की भारत यात्रा से जोड़कर हिंसा प्लान की गई, लेकिन शरजील के वकील ने तर्क दिया, 'ट्रंप का शेड्यूल तो शरजील की गिरफ्तारी (28 जनवरी 2020) के बाद ही जारी हुआ। तब तक वो जेल में थे।'उमर-शरजील को लगा झटका तो सुप्रीम कोर्ट पर भड़क उठे वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण
सुप्रीम कोर्ट का ताजा झटका ये दलीलें ऐसे समय आईं जब सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में (5 जनवरी) शरजील और उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि दोनों का रोल गंभीर था। वहीं, पांच अन्य आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को सशर्त जमानत मिल गई। कुल 18 आरोपियों में 11 अब जमानत पर हैं।

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