महाकाल मंदिर से 12 दिन में 3 करोड़ से ज्यादा के लड्डू ले गए श्रद्धालु, 643 क्विंटल की हुई बिक्री
उज्जैन। उज्जैन (Ujjain) स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर (Shri Mahakaleshwar Temple) में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं में लड्डू प्रसादी (Laddu Prasadi) को लेकर खास रुझान देखने को मिल रहा है। पौष्टिकता से भरपूर होने के बावजूद रागी अन्न प्रसाद का लड्डू श्रद्धालुओं को अपेक्षाकृत कम पसंद आ रहा है, जबकि बेसन का लड्डू उनकी पहली पसंद बनता जा रहा है। मांग और बिक्री के आंकड़े इस बदलते रुझान को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
रविवार को हुई बेसन लड्डू की रिकॉर्ड बिक्री
रविवार को मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान मंदिर समिति के 10 काउंटरों से कुल 58.528 क्विंटल बेसन का लड्डू बिके, जिससे 28 लाख 3 हजार 50 रुपये की आय हुई। वहीं रागी लड्डू की बिक्री मात्र 6.11 क्विंटल रही, जिससे 2 लाख 84 हजार 100 रुपये प्राप्त हुए। आंकड़ों के अनुसार, रागी की तुलना में बेसन लड्डू की मांग लगभग दस गुना अधिक रही।
100 रुपये वाला पैकेट सबसे ज्यादा लोकप्रिय
लड्डू प्रसादी की खरीद में श्रद्धालुओं ने अलग-अलग पैकेटों को प्राथमिकता दी। सबसे अधिक मांग 100 रुपये वाले पैकेट की रही, जिसमें बेसन के 18,540 और रागी के 1,215 पैकेट बिके। 50 रुपये वाले पैकेट में बेसन के 9,113 और रागी के 1,540 पैकेट की बिक्री हुई। वहीं 200 रुपये वाले आधा किलो के पैकेट में बेसन के 2,467 और रागी के 428 पैकेट श्रद्धालुओं ने खरीदे।
एक दिन में 30 लाख से अधिक का विक्रय
मंदिर समिति ने अकेले रविवार को रागी और बेसन दोनों प्रकार के लड्डू प्रसादी से कुल 30 लाख 87 हजार रुपये से अधिक का विक्रय किया। समिति का कहना है कि लड्डू प्रसादी श्रद्धालुओं को ‘नो लॉस, नो प्रॉफिट’ के आधार पर उपलब्ध कराई जाती है, ताकि आस्था के साथ गुणवत्ता भी बनी रहे।
12 दिनों में 643 क्विंटल लड्डू की बिक्री
शीतकालीन अवकाश के दौरान 25 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 तक के 12 दिनों में मंदिर समिति ने कुल 643.409 क्विंटल लड्डू प्रसादी का विक्रय किया। इस अवधि में 573.118 क्विंटल बेसन लड्डू से 2 करोड़ 73 लाख 93 हजार 600 रुपये और 70.291 क्विंटल रागी लड्डू से 32 लाख 50 हजार 800 रुपये की बिक्री दर्ज की गई।
गुणवत्ता और भविष्य की उम्मीद
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि लड्डू निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाता है। प्रतिदिन खाद्य प्रशासन के निरीक्षक नमूने लेकर जांच करते हैं और शुद्ध सामग्री का ही उपयोग होता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में श्री अन्नप्रसाद यानी रागी लड्डू की स्वीकार्यता भी बढ़ेगी।

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