इंडिगो पर सरकार का बड़ा एक्शन, 700 से ज्यादा उड़ानों पर चलीइंडिगो पर सरकार का बड़ा एक्शन, 700 से ज्यादा उड़ानों पर चली कैंची! कैंची!
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने घरेलू हवाई अड्डों पर अपने 700 से ज्यादा ‘स्लॉट’ छोड़ दिए हैं. यह कदमDGCA की उस सख्त कार्रवाई के बाद उठाया गया है, जिसमें एयरलाइन की सर्दियों की उड़ानों में कटौती का आदेश दिया गया था. दरअसल, यह पूरा मामला पिछले साल दिसंबर की शुरुआत में हुई भारी अव्यवस्था से जुड़ा है. दिसंबर में कोहरे और अन्य कारणों से उड़ानों में भारी देरी हुई थी. उस दौरान यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा था और हजारों उड़ानें रद्द हुई थीं. आंकड़ों पर नजर डालें तो 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो की करीब 2,507 उड़ानें रद्द हुईं और 1,852 उड़ानें देरी से चली थीं. इसका असर देश भर के तीन लाख से ज्यादा यात्रियों पर पड़ा था.
इसी अव्यवस्था को देखते हुए डीजीसीए ने कड़ा रुख अपनाया और इंडिगो के विंटर शेड्यूल (शीतकालीन कार्यक्रम) में 10 प्रतिशत की कटौती कर दी. इसका सीधा मतलब था कि एयरलाइन को अपनी कुछ सेवाएं बंद करनी पड़ेंगी. इसी आदेश का पालन करते हुए इंडिगो ने अब मंत्रालय को 717 स्लॉट की लिस्ट सौंप दी है, जिन्हें उसने खाली कर दिया है. ‘स्लॉट’ वह तय समय होता है जो किसी एयरपोर्ट पर विमान के उतरने और उड़ान भरने के लिए दिया जाता है.
मेट्रो शहरों पर सबसे ज्यादा असर
इंडिगो द्वारा खाली किए गए स्लॉट्स का सबसे बड़ा हिस्सा देश के प्रमुख महानगरों से जुड़ा है. सूत्रों के मुताबिक, कुल 717 में से 364 स्लॉट दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे छह बड़े मेट्रो एयरपोर्ट्स के हैं. इसमें भी सबसे ज्यादा स्लॉट हैदराबाद और बेंगलुरु के बताए जा रहे हैं. ये स्लॉट जनवरी से मार्च तक की अवधि के लिए खाली किए गए हैं.
इस स्थिति को संभालते हुए नागर विमानन मंत्रालय ने तुरंत हरकत में आते हुए अन्य एयरलाइनों से आवेदन मांगे हैं. सरकार चाहती है कि इंडिगो द्वारा छोड़े गए इन स्लॉट्स का इस्तेमाल दूसरी कंपनियां करें ताकि यात्रियों को परेशानी न हो. हालांकि, मंत्रालय ने स्पष्ट हिदायत दी है कि कोई भी एयरलाइन इन नए स्लॉट्स को पाने के लिए अपने मौजूदा रूट को बंद नहीं करेगी.
दूसरी एयरलाइंस की राह भी नहीं है आसान
भले ही सरकार ने दूसरी एयरलाइंस को न्योता दिया है, लेकिन विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां शायद इसमें बहुत ज्यादा दिलचस्पी न दिखाएं. इसके पीछे दो बड़ी वजहें हैं. पहली यह कि नेटवर्क की प्लानिंग करना और नए रूट शुरू करना एक लंबी प्रक्रिया है, जिसे इतनी जल्दी अंजाम देना मुश्किल है. किसी नए रूट को शुरू करके उसे महज एक-दो महीने बाद बंद कर देना व्यावहारिक नहीं होता.
दूसरी बड़ी वजह यह है कि खाली हुए अधिकतर स्लॉट ‘रेड-आई’ फ्लाइट्स (Red-Eye Flights) के हैं. ये वो उड़ानें होती हैं जो देर रात या तड़के संचालित होती हैं. आमतौर पर यात्री इन समयों पर सफर करना कम पसंद करते हैं, इसलिए एयरलाइंस के लिए ये स्लॉट मुनाफे के लिहाज से बहुत आकर्षक नहीं माने जाते.
डीजीसीए हुआ सख्त
डीजीसीए इस बार एयरलाइंस की मनमानी को लेकर काफी सख्त मूड में नजर आ रहा है. स्लॉट कटौती के अलावा, नियामक ने 17 जनवरी को परिचालन में खामियों के चलते इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया था. साथ ही एयरलाइन के सीईओ पीटर एलबर्स को चेतावनी भी जारी की गई थी. मामला यहीं खत्म नहीं हुआ, बल्कि डीजीसीए ने इंडिगो को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का भी निर्देश दिया है.

राशिफल 24 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना बनी आर्थिक संबल
बाल श्रम पर जीरो टॉलरेंस, हर मुक्त बच्चे के पुनर्वास पर होगा विशेष फोकस
महिला एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग नाथुबरखेड़ा अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का किया निरीक्षण
समान नागरिक संहिता को व्यापक जनसमर्थन
माँ चन्द्रहासिनी आरोग्य धाम बनेगा जनसेवा का नया केंद्र : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई
इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कृषि में छत्तीसगढ़ का नया अध्याय बनाया धमतरी जिले ने