पंचांग : आज विष्णु पूजा से मिलेगी हर कार्य में 'जीत', जानें वो एक गुप्त उपाय जो दिलाएगा शत्रुओं पर विजय
पंचांग : आज 13 फरवरी, 2026 शुक्रवार, के दिन फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है. इस तिथि पर भगवान विष्णु का अधिकार है. नई ज्वेलरी खरीदने के साथ भगवान विष्णु की आराधना करने और उपवास करने के लिए यह दिन अच्छा माना जाता है. इस एकादशी को विजया एकादशी भी कहते हैं. आज कुंभ संक्रांति भी हो रही है.
13 फरवरी का पंचांग
- विक्रम संवत : 2082
- मास : फाल्गुन
- पक्ष : कृष्ण पक्ष की एकादशी
- दिन : शुक्रवार
- तिथि : कृष्ण पक्ष की एकादशी
- योग : वज्र
- नक्षत्र : मूल
- करण : बलव
- चंद्र राशि : धनु
- सूर्य राशि : कुंभ
- सूर्योदय : सुबह 07:02 बजे
- सूर्यास्त : शाम 06:09 बजे
- चंद्रोदय : तड़के 04.53 बजे (14 फरवरी)
- चंद्रास्त : दोपहर 002.10 बजे
- राहुकाल : 11:12 से 12:35
- यमगंड : 15:22 से 16:45
इस नक्षत्र में शुभ कार्य से बचें
आज के दिन चंद्रमा धनु राशि और मूल नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र धनु राशि में 0 से लेकर 13:20 डिग्री तक फैला है. इसके देवता नैऋृति और शासक ग्रह केतु हैं. यह बिल्कुल भी शुभ नक्षत्र नहीं है. किसी भी तरह के शुभ कार्यों को इस नक्षत्र में टालना चाहिए. हालांकि, खंडहर तोड़ने का काम, अलगाव या तांत्रिक कार्य इस नक्षत्र में किए जा सकते हैं.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 11:12 से 12:35 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.

राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह सक्रिय
महंगाई (इंफ्लेशन) और GDP ग्रोथ पर विस्तार से चर्चा
अचानक आए झटकों से दहशत, घरों से बाहर निकले लोग
जाम से निजात नहीं, चालान काटने पर ज्यादा ध्यान—उठे सवाल
पहाड़ों में सर्दी का कहर, केदारनाथ और यमुनोत्री धाम बर्फ़ से ढके
आजीविका के लिए प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है
सीजफायर पर भारत की प्रतिक्रिया, अमेरिका-ईरान समझौते का किया स्वागत
कान में सरसों का तेल डालना: सुरक्षित या खतरनाक?
बिजली विभाग के कर्मियों के काम के बोझ को कम करना लक्ष्य