बैतूल का छोटा महादेव मंदिर, नीचे गुफा में विराजे हैं भोलेनाथ, ऊपर से निकलती है नदी की जलधारा
बैतूल: रानीपुर के पास घोड़ाडोंगरी विकासखंड क्षेत्र में छोटा महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर भारी भीड़ पहुंची. यहां हर साल महाशिवरात्रि के अवसर पर मेले का आयोजन होता है, जिसकी शुरुआत शनिवार को हुई. यहां हरियाली से लदी विशाल पहाड़ी पर प्राचीन शिवलिंग, एक गुफा के अन्दर स्थापित है लेकिन सुरक्षा कारणों से इस गुफा के अंदर जाने की अनुमति नहीं है और एलईडी के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन कराए जाते हैं.
शिव गुफा में स्थापित है शिवलिंग
बैतूल से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर रानीपुर होते हुए भोपाली पहुंचा जा सकता है. सैकड़ों फीट ऊंची पहाड़ी पर शिव गुफा में शिवलिंग के दर्शन होते हैं. यह स्थान देनवा नदी का उद्गम स्थल भी है. गुफा के ऊपर देनवा नदी का मनोरम, रमणीय और अद्भुत दृश्य देखते ही बनता है. जिस तरह धरती के उद्धार के लिए गंगा मैया भोले बाबा की जटा में समाईं और फिर धरती को पावन बनाती हैं, उसी तरह का अद्भुत दृश्य बैतूल जिले के शिवधाम भोपाली में देखने को मिलता है.
शिवलिंग के दर्शन करने दूर-दूर से आते हैं भक्त
हरियाली के बीच दूध सी जलधारा के साथ नजर आती देनवा नदी पहाड़ियों से सैकड़ों फीट नीचे जमीन पर उतर कर कल-कल कर बहती है. देनवा नदी का अनुपम दृश्य अपनी और आकर्षित करता है. प्रकृति प्रेमी इस स्थान पर पहुंच कर भरपूर आनंद लेते हैं. प्रकृति की खूबसूरती को देखने और शिवलिंग के दर्शन करने यहां दूर-दूर से भक्त आते हैं.
पूरी रात खुला रहेगा मंदिर
महाशिवरात्रि पर्व पर जिले के अन्य शिव मंदिर में भी भक्तों ने पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना की. बालाजीपुरम मंदिर में भी सुबह से ही शिव भक्तों का आना शुरू हो गया था. यहां दोपहर में भोलेनाथ का सहस्त्र जलधारा महाभिषेक किया गया. इस दौरान चित्रकूट धाम में स्थापित बारह ज्योतिर्लिंग भगवान का भी पूजन अर्चना और अभिषेक किया गया. मंदिर संस्थापक सेम वर्मा ने बताया कि "रविवार को मंदिर पूरी रात खुला रहेगा और पूजा अर्चना जारी रहेगी."

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