जेपी की आग ने खोली 50 लाख के फायर सिस्टम की पोल
कंपनी की टैस्टिंग में भी अलार्म नही बजा
भोपाल। राजधानी के जयप्रकाश चिकित्सालय में बुधवार को लगी आग ने उस दावे की पोल खेल दी जिसमें कहा गया था कि नया फायर आलर्म सिस्टम सिगरेट के धुएं से भी एक्टिव होगा। लेकिन जब आग लगी तो यह सिस्टम काम नही किया। जिसके चलते न अलार्म बजा और न स्प्रिंकलर से पानी गिरा।
इसके बाद इस सिस्टम की जांच करने गुरूवार को कपंनी आई लेकिन अलार्म नही बजा अलबत्ता स्प्रिंकलर के एक पाईप से कुछ पानी जरूर गिर गया। प्रबंधन और फायर सिस्टम एजेंसी के बीच अनबन के कारण सिस्टम अभी तक हैंडओवर नहीं हुआ और बंद पड़ा है। आग वाले दिन यह अच्छी बात रही कि एक सुरक्षा कर्मचारी ने फायर इंस्टूग्विशर से आग बुझा दी। आग बुझाने में आठ इंस्टूग्विशर का इस्तेमाल हुआ था। इस आग में सैकड़ों मरीजों की जान खतरे में थी।
फुहारें के जगह आई धार
दूसरे दिन जब कर्मचारियों ने इस सिस्टम की टेस्टिंग के लिए थोड़ा सुधार कार्य किया और सिस्टम चालू किया तो पानी के फुहारें आने की बजाए धार आने लगी। नोजल पर जाले लगे हुए हैं, देखने से ही पता चलता है कि इस सिस्टम की देखरेख नहीं होती।
इनका कहना है
सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा है कि इस पूरे मामले की जांच की जाएगी। हेंडओवर क्यों नहीं हुआ आग कैसे लगी और फायर सिस्टम क्यों नहीं चले इन बिंदुओं पर जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।

बंगाल में भाजपा का बड़ा दांव: सत्ता मिली तो ‘जिहाद’ मामलों पर कड़ा एक्शन
भोपाल में चंदन रॉय का सम्मान, एलुमनी ऑफ द ईयर अवॉर्ड से नवाजे गए
‘ईसाई समुदाय के खिलाफ कानून’: FCRA संशोधन पर सतीशन का हमला
अंतरिक्ष से अद्भुत नज़ारा: Artemis II ने रचा नया इतिहास
वोटिंग से पहले नियम कड़े: सियासी दलों को विज्ञापन के लिए लेनी होगी अनुमति
India ने खबरों को बताया बेबुनियाद, सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित
पंजाब किंग्स ने हराया, चेन्नई ने बनाया खराब रिकॉर्ड
दीक्षांत समारोह में विदेश मंत्री का बड़ा बयान, युवाओं को दी सफलता की कुंजी
मालदा घेराव मामले में सियासत तेज: माकपा ने अपने रुख का किया बचाव
‘मुस्लिम विरोधी’ बयान पर सियासत गरमाई: पलानीस्वामी ने स्टालिन को दिया जवाब