देश में जल्द बनेगा नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड
नई दिल्ली । महाराष्ट्र के लेबर मिनिस्टर आकाश फुंडकर ने विधानसभा में जानकारी दी है कि केंद्र सरकार जल्द ही गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड का गठन करने जा रही है। इस बोर्ड के जरिए डिलीवरी पार्टनर्स और फ्रीलांसर्स को हेल्थ केयर, इंश्योरेंस और फैमिली वेलफेयर जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। अब तक इन वर्कर्स को केवल बिजनेस पार्टनर माना जाता था, लेकिन नए कोड के तहत उन्हें पहली बार औपचारिक वर्कर का दर्जा दिया गया है।
मंत्री आकाश फुंडकर ने प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक हेमंत ओगले और बीजेपी के अतुल भातखलकर के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने सोशल सिक्योरिटी कोड को लागू कर दिया है। यह कोड नवंबर 2025 से प्रभावी हो चुका है। इसमें पहली बार गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की स्थिति को बताया गया है। अब तक इन्हें केवल डिलीवरी-बेस्ड पेमेंट पर काम करने वाले इंडिपेंडेंट कांट्रेक्टर के रूप में देखा जाता था।
राजस्थान और कर्नाटक के कानून हो जाएंगे खत्म
फुंडकर ने एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड के अस्तित्व में आते ही राज्यों के अपने कानून लैप्स (समाप्त) हो जाएंगे। फिलहाल राजस्थान और कर्नाटक जैसे राज्यों ने गिग वर्कर्स के कल्याण के लिए अपने स्तर पर कानून बनाए हैं। केंद्र के निर्देशानुसार, अब सभी राज्यों को केंद्रीय सोशल सिक्योरिटी कोड के प्रावधानों का ही पालन करना होगा।

कुछ घंटे पहले टली बैठक, फिर बदला कार्यक्रम; पंजाब कांग्रेस में आज होगी अहम बैठक
अनशन समाप्त करने को तैयार सोनम वांगचुक, सरकार के सामने रखी बड़ी शर्त
सपा की महिला नेता सीमा राजभर पर कानूनी कार्रवाई, बलिया में दर्ज हुआ मुकदमा
बागी सांसदों के खिलाफ उद्धव ठाकरे को सुप्रीम कोर्ट से राहत, लोकसभा सचिवालय समेत सभी पक्षों को नोटिस
भारत की QUAD बैठक में मजबूत मौजूदगी, जयशंकर ने सुरक्षा से लेकर सहयोग तक रखी बात
हथियारबंद बदमाशों से रहें सतर्क, 'चड्डी-बनियान गैंग' को लेकर अलर्ट जारी
राहुल गांधी का दावा- 10 साल में 152 पेपर लीक, एक भी दोषी को नहीं मिली सजा
भोजशाला विवाद: मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
बवाना हेलमेट फैक्ट्री में आग का तांडव, मलबे से मिला एक शव