कूनो नेशनल पार्क से निकलकर राजस्थान पहुंचा चीता KP-3, ग्रामीणों में मचा हड़कंप
श्योपुर: कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता KP-3 इस बार राजस्थान सीमा में देखा गया है. चीते की मौजूदगी राजस्थान के बारां जिले के बाँझ आमली क्षेत्र की में दर्ज की गई है. इसकी पुष्टि वन विभाग की ट्रैकिंग टीम ने की है. इसी इलाके में कूनो नेशनल पार्क के KP-2 चीता भी सक्रिय बना हुआ है. दो चीतों के मूवमेंट से वन विभाग की ट्रैकिंग टीम भी अलर्ट मोड़ पर है. बताया जा रहा है कि, चीता KP-3 ने एक गोवंश का भी शिकार किया है. जिसका वीडियो वन विभाग ने शनिवार को बनाया है.
वन विभाग ने जारी किया चीते का वीडियो
रविवार की सुबह पेड़ के नीचे आराम फरमाते हुए कूनो नेशनल पार्क के चीता KP-3 का वीडियो सामने आया है. जिसको देखकर खेतों पर मौजूद ग्रामीणों में दहशत का माहौल देखने को मिला. हालांकि वन विभाग टीम की मौजूदगी के कारण लोगों में डर का माहौल कम देखने को मिलता है. क्योंकि उनके चीतों द्वारा इंसानों पर हमला नहीं करने की हिदायत दी जाती है.
भाई की गंध चीते को ले गई राजस्थान
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, चीता KP-3 का मूवमेंट राजस्थान की सीमा में पहली बार देखने को मिला है. इससे पहले चीता KP-2 चीता करीब 21 दिन से राजस्थान की इसी सीमा में अपनी मौजूदगी दर्ज है. वन विभाग के अधिकारी के मुताबिक, भारत में जन्मे चीता KP-2 का छोटा भाई है जो उसकी गंध का पीछा करते हुए इस इलाके में पहुंचा है.
चीता KP-3 और चीता KP-2 में तालमेल
कूनो नेशनल पार्क के अधिकारियों के मुताबिक, चीतों में अन्य चीतों की गंध को महसूस करने की क्षमता अधिक होती है. यह चीते आपस में सगे भाई हैं. दोनों में आपस में अच्छा तालमेल भी है. दोनों चीते बचपन से साथ रहे हैं. चीता KP-3 चीता अपने बड़े भाई चीता KP-2 द्वारा उसकी तलाश करते हुए उसकी गंध, शिकार के अवशेष और मल को सूंघ कर राजस्थान के इलाके में पहुंच गया है. इन चीतों ने भारत की धरती यानी कूनो नेशनल पार्क में ही जन्म लिया है. चीता KP-3 ने सबसे पहले राजस्थान की सीमा में पहुंचते ही एक गोवंश का शिकार किया है.
कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ आर थिरुकुराल ने जानकारी देते हुए बताया कि, ''कूनो नेशनल पार्क की सीमा को लांघ कर दो चीते सगे भाई राजस्थान के इलाके में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं. वह अपने शिकार की तलाश में खुद जंगल और उसके आसपास के इलाके में अपनी पकड़ बना रहे हैं. हालांकि वन विभाग की ट्रैकिंग टीम उनकी निगरानी में है और चीते अपने आप कूनो नेशनल पार्क की सीमा में आ जाएंगे.''

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