निशांत की शादी पर ग्रामीण महिलाओं ने दिया दबाव, कहा—अब समय आ गया
Bihar Politics जदयू में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार सक्रिय हो गए हैं। वह पटना में पार्टी विधायकों से मुलाकात करने के साथ-साथ गांवों में कार्यकर्ताओं से भी मिल रहे हैं। इसी कड़ी में जदयू की सदस्यता लेने के बाद निशांत पहली बार अपने पैतृक गांव कल्याण बीघा पहुंचे। गांव पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
परिवार बढ़ाने की दी सलाह
कल्याण बीघा में लोगों से मुलाकात के दौरान एक दिलचस्प नजारा भी देखने को मिला। गांव की महिलाओं ने पहले निशांत को आशीर्वाद दिया और फिर उन्हें परिवार बढ़ाने की सलाह देते हुए कहा कि अब शादी कर लेनी चाहिए। हालांकि, शादी के सवाल पर निशांत ने मुस्कुराते हुए बात को टाल दिया। उन्होंने महिलाओं से बस इतना कहा, “सब बढ़िया है ना?” और आगे बढ़ गए। कल्याण बीघा पहुंचने पर निशांत ने कहा कि उनका बचपन इसी गांव में गुजरा है और इस गांव से उनकी कई यादें जुड़ी हुई हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वे अपने पिता नीतीश कुमार द्वारा किए गए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
दादा दादी का लिया आशीर्वाद
गांव पहुंचने के बाद निशांत सबसे पहले रामलखन सिंह वाटिका पहुंचे। वहां उन्होंने अपने दादा स्वर्गीय रामलखन सिंह, दादी परमेश्वरी देवी और अपनी मां स्वर्गीय मंजू सिंह की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और आशीर्वाद लिया। इस दौरान वे काफी भावुक भी नजर आए। इससे पहले निशांत के गांव पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान “निशांत कुमार जिंदाबाद” और “बिहार का सीएम कैसा हो, निशांत भैया जैसा हो” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।

UP में बड़ा दांव! Chirag Paswan की एंट्री, सभी सीटों पर उतरने की तैयारी
‘अपमान का बदला ले जनता’: SIR विवाद पर Mamata Banerjee का बड़ा बयान
प्रचार बंद, अब सियासत का फैसला बड़े गठबंधन और नेताओं पर निर्भर
चुनावी मैदान में अनोखा अंदाज, बुलडोजर लेकर पहुंचे प्रत्याशी
पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान तेज, Indian National Congress ने झोंकी स्टार प्रचारकों की फौज
विक्रम यूनिवर्सिटी ने विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया
पाकिस्तान पर संकट गहराया! ईरान युद्ध के बीच Shehbaz Sharif का बड़ा फैसला—आज से लॉकडाउन
प्रशासन द्वारा हटाई गई दुकानों के खिलाफ अनोखा अंदाज