स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे के बाद फिर नेतृत्व में वापसी।
उज्जैन। महाकाल मंदिर परिसर में स्थित महानिर्वाणी अखाड़े की महंत गादी को लेकर आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. अब महंत गादी पर विनीत गिरी महाराज ही बने रहेंगे. यह निर्णय अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज के नेतृत्व में अखाड़े के पंचों द्वारा लिया गया. खास बात यह है कि महंत गादी पर अभी तक विनीत गिरी महाराज बने हुए थे, परंतु स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. महंत विनीत गिरी के इस्तीफे के बाद चर्चाओं का दोर शुरू हो गया।
स्वास्थ्य कारणों के चलते हटने का किया था फैसला
दरअसल, विनीत गिरी महाराज ने ही अपने स्वास्थ्य कारणों के चलते पद से हटने की बात कही थी. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग विश्व प्रसिद्ध है. इसके साथ ही यहां होने वाली भस्म आरती आकर्षण का केंद्र बनी रहती है. भस्मारती में शामिल होने के लिए देश ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धालु आते हैं. ऐसे में परंपरा अनुसार भस्मारती के दौरान बाबा महाकाल को भस्म महा निर्वाणी अखाड़े के महंत गादी पति ही चढ़ाते हैं।
महानिर्वाणी अखाड़े में हुआ गादी का निर्णय
महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित महानिर्वाणी अखाड़े में आज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष व श्री पंचायती महा निर्वाणी अखाड़ा सचिव श्री महंत रवींद्र पुरी जी महाराज, सचिव महंत जमना पुरी जी, सचिव महंत रमेश गिरी जी, मृत्युंजय भारती जी, मनोज गिरी जी, महंत प्रेमपुरी जी, दिगंबर करण गिरी जी व दिगंबर गोपाल गिरी ने बैठक कर महंत गादी का निर्णय लिया।
गादी पर बने रहेंगे विनीत गिरी महाराज
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष व श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्माणी के सचिव महंत रवींद्र पुरी जी महाराज ने मीडिया से चर्चा में कहा कि विनीत गिरी महाराज को स्वास्थ्य की दिक्कत थी. इसलिए उन्होंने पंच परमेश्वर के सामने एक कार्य मुक्ति का निवेदन किया था. परंतु बाबा महाकाल की इच्छा के बिना ना कोई कार्य मुक्त हो सकता है ना कार्य युक्त, इसलिए श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्माणी की कमेटी ने यह निर्णय लिया है कि महंत विनीत गिरी ही गादी पर बने रहेंगे और आगामी कुंभ मेला भी उन्हीं के नेतृत्व में होगा। सिंहस्थ महाकुंभ वर्ष 2028 के विकास कार्यों को लेकर रविन्द्र पुरी महाराज ने कहा कि विकास को लेकर अधिकारियों से चर्चा होती रहती है. अखाड़े की तरफ से पूरा सहयोग है. सिंहस्थ मेला अधिकारी हरिद्वार आए थे तब भी उनसे वार्तालाप हुआ था. यहां सरकार जो निर्माण कार्य कर रही है वह काफी अच्छे हैं. 2 वर्ष शेष है समय-समय पर बैठकें होगी।

युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निवाड़ी में विकास का नया अध्याय आरंभ हो रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव