चमेली के जीवन में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना ने बिखेरी खुशियों की रोशनी
रायपुर : प्रदेश सरकार की जनहितैषी योजनाओं ने समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना शुरू कर दिया है, जिसकी एक जीवंत मिसाल बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की ग्राम पंचायत सकरी की निवासी चमेली सेन हैं। पूर्ण रूप से भूमिहीन होने के कारण आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे चमेली के परिवार के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना एक बड़ा संबल बनकर उभरी है।
योजना के तहत प्रतिवर्ष मिलने वाली 10,000 रुपये की सहायता राशि ने न केवल उनके संघर्षों को कम किया है, बल्कि एक गरीब परिवार को समाज में सम्मान के साथ जीने का नया भरोसा भी दिलाया है। चमेली सेन का कहना है कि यह राशि महज एक आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उनके परिवार के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार है।
आर्थिक सशक्तिकरण की यह कड़ी यहीं नहीं रुकती, चमेली को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का भी निरंतर लाभ मिल रहा है, जिससे उनकी आत्मनिर्भरता को नए पंख मिले हैं। इन योजनाओं से प्राप्त आर्थिक संबल और अपने सिलाई के हुनर के दम पर चमेली अब कपड़ा सिलाई का कार्य कर अपने घर-गृहस्थी की गाड़ी को कुशलतापूर्वक चला रही हैं। एक भूमिहीन कृषि मजदूर परिवार की महिला से एक आत्मनिर्भर उद्यमी बनने तक का यह सफर प्रदेश की हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए चमेली सेन कहती हैं कि सरकार की इन संवेदनशीलतापूर्ण योजनाओं ने उनके जैसे हजारों परिवारों के जीवन में नई रोशनी भर दी है, जिससे अब वे एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य की ओर देख पा रहे हैं।

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