पश्चिम एशिया संकट को लेकर भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक तैयारी पर मंथन
नई दिल्ली | रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को पश्चिम एशिया संकट पर मंत्रियों के अनौपचारिक समूह की पहली बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब केंद्र सरकार इस संघर्ष को लेकर कई बैठकें कर चुकी है और लोगों को यह भरोसा दिला रही है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है। विदेश मंत्रालय हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है और पश्चिम एशिया में मौजूद भारतीय नागरिकों को हरसंभव मदद देने की कोशिश कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट
'अगली सुनवाई में पेश हों': दिल्ली के संरक्षित स्मारकों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त; ASI निदेशक को अवमानना नोटिस जारी | इससे पहले, शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ डिजिटल माध्यम से बैठक की थी। इस बैठक में पश्चिम एशिया की हालिया स्थिति और उसके देश पर संभावित प्रभाव को देखते हुए राज्यों की तैयारियों की समीक्षा की गई।

“शुरुआती पलों का आनंद…” — हैली स्टैनफेल्ड का इमोशनल पोस्ट
बीजेपी की पश्चिम बंगाल यात्रा: सियासी उठापटक और चुनौतियों की कहानी
भारत भड़का: होर्मुज स्ट्रेट घटना पर 60 देशों की बैठक में कड़ा संदेश
राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द, दतिया विधायक अब नहीं रहेंगे कांग्रेस सदस्य
AAP में उठे सवाल: राघव चड्ढा की अलग रणनीति और डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने की वजह
‘सीता’ के रोल पर साई पल्लवी का नाम, रणबीर ने तोड़ी चुप्पी
अचानक हमले से दहशत, बंदरों ने किया घायल
एक अस्पताल से दूसरे तक दौड़, मरीजों की जान खतरे में
VDA का मास्टर प्लान: नई टाउनशिप से मिलेगा आधुनिक शहर