सीजफायर के पीछे की सच्चाई: ईरान की 10 शर्तों पर क्या झुकेगा अमेरिका?
US-Iran Ceasefire: अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग दो हफ्ते के लिए रुक गई है. अमेरिका और इजरायल में सीजफायर के लिए सहमति बन गई है और दोनों देशों की ओर से इसका ऐलान भी कर दिया गया है. अमेरिका की तरफ से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान की तरफ से वहां के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सीजफयार पर मुहर लगाई है.
डेडलाइन से पहले ही थम गई बमबारी
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज खोलने के लिए जो डेडलाइन दी थी वो भारतीय समयानुसार सुबह 5.30 बजे खत्म हो चुकी हैं, लेकिन इस डेडलाइन के खत्म होने से पहले ही दोनों देशों के बीच सीजफायर हो चुका है. हलांकि अगर ये सीजफायर नहीं होता तो ईरान में बड़ी तबाही हो सकती थी क्योंकि ट्रंप ने पहले ही मगंलवार को यहां तक कहा था कि आज रात ईरान की पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है.
मिडिल ईस्ट में चरम पर था तनाव
बता दें कि सीजफायर के इस ऐलान से पहले मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर था. ट्रंप ने सोमवार को ईरान के पावर प्लांट और ब्रिज को उड़ाने की धमकी दी थी. मंगलवार को ईरान के ऊपर लगातार हमले हुए. ईरान के लिए सबसे अहम माने जाने वाले खार्ग द्वीप में एक के बाद एक हमले हुए. ट्रंप ने साफ चेतावनी दे दी है कि अगर ईरान समझौता करने या होर्मुज स्ट्रेट खोलने को तैयार नहीं हुआ तो उसका समूल विनाश कर दिया जाएगा.

ईरान की तीखी प्रतिक्रिया
युद्ध विराम के बाद ईरान की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है. ईरान के सु्प्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा है कि ईरान ने युद्ध में दो हफ्ते के सीजफायर को मंजूरी दे दी गई है. बयान में यह भी कहा गया है कि शुक्रवार को इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत करेगा. हालांकि इस बयान में केवल 2 हफ्ते की सीजफायर की बात कहीं गई है, ये नहीं कहा गया कि युद्ध खत्म हो गया हैं. बयान के मुताबिक “इसका मतलब ये नहीं है कि युद्ध खत्म हो गया है. हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं. दुश्मन ने जरा सी भी गलती की तो उसका पूरी ताकत के साथ जवाब दिया जाएगा.”

नतीजों से पहले Infosys के शेयर फिसले, IT कंपनी के तिमाही प्रदर्शन पर बाजार की नजर
सिर्फ 16 रन और... अभिषेक शर्मा रच देंगे इतिहास, कोहली-केएल राहुल की करेंगे बराबरी
बलराम कृषि महोत्सव में पहुंचेंगे मुख्यमंत्री, किसानों को देंगे विकास की सौगात
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर संसद में घमासान, दोनों पक्ष आमने-सामने
सचिन, कोहली, धोनी के बीच शास्त्री की पसंद बनी चर्चा, ऑलटाइम XI में कई बड़े नाम गायब
अमेरिका के खिलाफ ईरान का आक्रामक रुख, 9/11 जैसे हमले की चेतावनी
छात्र आंदोलन को मिला फिल्मी दुनिया का साथ, हुमा कुरैशी और इमरान हाशमी ने जताया समर्थन
पेपर लीक मामले में सियासी घमासान, कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब
BSP सुप्रीमो मायावती ने पेपर लीक विवाद पर जताई चिंता, बोलीं- राजनीति से नहीं निकलेगा हल