म्यांमार के नए राष्ट्रपति ने गिनाईं चुनौतियां, दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के समूह से रिश्ते सुधारने पर जोर
नेपीडॉ । म्यांमार के नव-शपथ ग्रहण किए राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने अपने पहले संबोधन में देश के सामने मौजूद चुनौतियों को स्वीकार करते हुए लोकतंत्र और शांति को सरकार की प्राथमिकता बताया। संसद में दिए गए लगभग 20 मिनट के भाषण में उन्होंने कहा कि म्यांमार लोकतंत्र की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन अभी कई बाधाओं को पार करना बाकी है।
उन्होंने कहा कि नई सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की स्थिति मजबूत करने के लिए काम करेगी और दक्षिण-पूर्व एशियाई संगठन (एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस) के साथ संबंधों को सामान्य बनाने का प्रयास करेगी। गौरतलब है कि 2021 में सैन्य तख्तापलट और उसके बाद की कार्रवाई के चलते दक्षिण-पूर्व एशियाई संगठन ने म्यांमार के सैन्य नेतृत्व को अपने सम्मेलनों से दूर कर दिया था। मिन आंग ह्लाइंग ने कहा कि उनकी सरकार विदेशी निवेश को बढ़ावा देने, कृषि क्षेत्र के विकास और दीर्घकालिक रणनीतिक योजनाओं पर ध्यान देगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार लोकतंत्र और संघीय ढांचे पर आधारित रोडमैप को लागू करेगी। उनके इस संबोधन को देश में स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

NEET विवाद पर बिहार बंद: पटना से सीवान तक प्रदर्शन, कई जगह यातायात प्रभावित
Renewable Energy पर बड़ा दांव, 30 जुलाई से खुलेगा Juniper Green Energy का IPO
रथ यात्रा हादसे के बाद एक्शन मोड में प्रशासन, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच जारी
भीषण विस्फोट के बाद मचा कोहराम, पटाखा फैक्टरी हादसे के पीछे क्या है वजह?
टंट्या भील चौराहे पर आंदोलन जारी, प्रदर्शनकारियों पर ड्रोन की पैनी निगाह
चाणक्यपुरी थाने में FIR, पीयूष गोयल के डीपफेक वीडियो मामले ने पकड़ा तूल
स्वाइन फ्लू से जूझ रहीं शबाना आजमी, विरोध प्रदर्शन में शामिल न होने की बताई वजह
सैलरी भुगतान में गड़बड़ी उजागर, नगर निगम के दो कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई
रफ्तार बनी काल, सेना अधिकारी के बेटे की कार हादसे में गई जान
न्यूक्लियर डील के बदले ट्रंप की नई शर्त, सऊदी पर अब्राहम समझौते का दबाव क्यों?