परिसीमन पर घमासान: सोनिया गांधी ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
Sonia Gandhi Women Reservation: देश में इन दिनों महिला आरक्षण को लेकर खूब चर्चा हो रही है. इसको लेकर संसद का सत्र भी बुलाया गया है. बीजेपी भी विपक्ष को इस विधेयक के लिए एकजुट करने में लगी हुई है. इस बीच कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने सोमवार को महिला आरक्षण को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं.
सोनिया गांधी ने द हिन्दू (अखबार) में लिखा कि पीएम विपक्षी दलों से उन बिलों का समर्थन करने की अपील कर रहे हैं. जिन्हें सरकार संसद के विशेष सत्र में जबरदस्ती पास कराना चाहती है. सोनिया ने सवाल उठाया कि ये सत्र ऐसे समय में क्यों बुलाया जा रहा है जब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव अभियान अपने चरम पर है.
सोनिया गांधी ने मंशा पर उठाए सवाल
सोनिया गांधी ने कहा कि इस समय पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार चल रहा है. इसके साथ ही संसद के सत्र में विधेयक को पास कराने की तैयारी चल रही है. इस जल्दबाजी का सिर्फ एक ही मकसद राजनीतिक फायदा उठाना है.
सरकार ने 2023 में ही ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को संसद में पास कर लिया था, हालांकि उसी समय ये भी तय किया गया था कि इसे अगली जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद ही लागू किया जाएगा. इस जल्दबाजी से बीजेपी राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है.
किस वजह से की जा रही जल्दबाजी
सोनिया गांधी ने सरकार की तरफ से हो रही जल्दबाजी पर भी सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार महिला आरक्षण की वजह से इतनी जल्दबाजी नहीं कर रही है. इसकी असली वजह परिसीमन है. उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ तो पहले ही पारित हो चुका है. जनगणना के बिना अचानक इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही है?
सोनिया गांधी ने दी सलाह
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रक्रिया में पारदर्शिता मायने रखती है. लोकतंत्र सिर्फ हिसाब-किताब नहीं चलता है बल्कि निष्पक्षता भी अहम मायने रखता है .एजेंडा साझा किए बिना ही 16 अप्रैल से स्पेशल सेशन बुलाया गया, जो इसकी पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है.
सोनिया गांधी ने कहा कि पहले विधानसभा चुनावों के बाद इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए. जिसमें सभी दलों की राय ली जाए. इसके बाद मानसून सत्र में संविधान संशोधन विधेयक पेश किया जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का असल मकसद जाति जनगणना के मुद्दे को भटकाना और टालना है.

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