मुश्किल हालात में भी नहीं छोड़ा क्रिकेट का जुनून
आईपीएल 2026 का 21वां मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला गया, लेकिन इस मैच की सबसे बड़ी कहानी दो नए नामों ने लिखी- प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हुसैन। अपने डेब्यू मैच में दोनों ने ही चार-चार विकेट निकाले। 21 साल के युवा तेज गेंदबाज साकिब ने चार ओवर में महज 24 रन देकर चार विकेट झटक लिए और रन देने के मामले में प्रफुल्ल से भी बेहतर प्रदर्शन किया और राजस्थान जैसी मजबूत टीम की कमर तोड़ दी।
बड़े-बड़े बल्लेबाजों को किया ढेर
साकिब ने जिन बल्लेबाजों को आउट किया, उनमें से कुछ अपने आप में बड़े नाम हैं। उन्होंने यशस्वी जायसवाल जैसे स्टार ओपनर का विकेट लिया। इसके बाद पुछल्ले बल्लेबाजों को जमने का मौका नहीं दिया। साकिब ने जोफ्रा आर्चर, तुषार देशपांडे और रवि बिश्नोई को भी पवेलियन भेजा। उनकी तेज रफ्तार (करीब 145 किमी/घंटा) और सटीक लाइन-लेंथ के साथ गति में विविधता ने सभी को प्रभावित किया।
बिहार के छोटे से गांव से आईपीएल तक का सफर
14 दिसंबर 2004 को बिहार के गोपालगंज में जन्मे साकिब एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर थी, लेकिन सपने बड़े थे। शुरुआत में उनका सपना भारतीय सेना में जाने का था, लेकिन उनकी कद-काठी और गेंदबाजी प्रतिभा को देखकर परिवार और कोच ने उन्हें क्रिकेट में आगे बढ़ने की सलाह दी।
जूतों के लिए नहीं थे पैसे, मां ने बेचे गहने
साकिब की कहानी का सबसे भावुक पहलू उनका संघर्ष है। जब उन्होंने रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया, तब उनके पास अच्छे जूते तक नहीं थे। ऐसे समय में उनकी मां ने अपने गहने बेचकर उनके लिए जूते खरीदे। यही त्याग आज उनकी सफलता की नींव बना। टेनिस बॉल क्रिकेट से शुरुआत करने वाले साकिब 500-700 रुपये लेकर दूर-दूर मैच खेलने जाते थे। धीरे-धीरे वह जिला टीम, फिर बिहार टीम तक पहुंचे।
आईपीएल तक का सफर
उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स ने आईपीएल 2024 में 20 लाख रुपये में खरीदा, लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। केकेआर की टीम तब चैंपियन बनी थी और साकिब ने परिवार के साथ तस्वीर भी खिंचवाई थी। इसके बाद आईपीएल 2026 की नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद ने 30 लाख रुपये में उन्हें अपनी टीम में शामिल किया।
नेट्स में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें डेब्यू का मौका मिला और उन्होंने इसे दोनों हाथों से भुना लिया। इस तरह आईपीएल में बिहार के एक और बेटे ने नाम रोशन किया। उनकी टीम के कप्तान ईशान किशन भी बिहार से ही हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हैं। वैभव सूर्यवंशी पहले ही चमक बिखेर चुके हैं।
कोच को दिया सफलता का श्रेय
मैच के बाद साकिब ने अपनी सफलता का श्रेय टीम के गेंदबाजी कोच वरुण एरॉन को दिया। उन्होंने कहा, 'वरुण भाई पिछले चार वर्षों से मेरे साथ काम कर रहे हैं। मेरी गेंदबाजी में आप जो भी सुधार देख रहे हैं वह उन्हीं की वजह से है। मैं अपनी सफलता का पूरा श्रेय उन्हें देता हूं।'
अभी लंबा है सफर
हालांकि साकिब ने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत शानदार तरीके से की है, लेकिन उनके लिए असली चुनौती अब निरंतरता बनाए रखना होगी। भारतीय टीम में जगह बनाने का सपना देखने वाले इस युवा गेंदबाज को घरेलू क्रिकेट और आईपीएल दोनों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा।
साकिब का घरेलू करियर
साकिब ने अब तक छह फर्स्ट क्लास मैच और 13 टी20 खेले हैं। छह प्रथम श्रेणी मैचों में उनके नाम 16 विकेट और टी20 में 14 विकेट हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 41 रन देकर छह विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है। वह एक बार पारी में पांच विकेट और एक बार मैच में 10 विकेट ले चुके हैं।

राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, राहुल बोले- PM मोदी माफी मांगें, अमित शाह जिम्मेदार
शरद पवार का खुलासा: PM से हुई चर्चा के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कहानी में आया मोड़
नौकरी के नाम पर बना बंधक, युवकों की दर्दभरी कहानी सुन पुलिस भी रह गई हैरान
'यहां इस्तीफे नहीं होते'... लेकिन 12 साल में बदलते रहे मंत्री, जानिए पूरी कहानी
सीरिया में बड़ा सड़क हादसा, बस पलटने से 35 लोगों की गई जान
एक साथ 10 इस्तीफे, रालोद में उठे असंतोष के सुर, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
'धोखेबाज भतीजे' पर CM शुभेंदु का करारा प्रहार, सेबाश्रय शिविर घोटाले में दी चेतावनी