उप-महापौर के लिए भी अनुभवी और संगठन से जुड़े नामों को प्राथमिकता
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और अनुभवी पार्षद प्रवेश वाही दिल्ली के अगले महापौर (मेयर) बनने जा रहे हैं। गुरुवार को नामांकन के अंतिम दिन भाजपा ने उनके नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी। नगर निगम में संख्या बल और भाजपा के स्पष्ट बहुमत को देखते हुए उनका चुना जाना अब महज एक औपचारिकता रह गया है।
दिल्ली नगर निगम: प्रवेश वाही की ताजपोशी लगभग तय
नगर निगम में भाजपा की मजबूत स्थिति और विपक्षी आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा मेयर व डिप्टी मेयर पद के लिए उम्मीदवार न उतारने के फैसले ने प्रवेश वाही का रास्ता साफ कर दिया है।
- चुनाव की तिथि: आगामी 29 अप्रैल को निगम सदन की बैठक आयोजित होगी, जिसमें महापौर, उपमहापौर और स्थायी समिति के सदस्यों का चयन किया जाएगा।
- विपक्ष का रुख: आम आदमी पार्टी ने केवल स्थायी समिति के अपने कोटे के एक सदस्य के लिए नामांकन किया है, बाकी शीर्ष पदों पर दावेदारी नहीं की है। इससे चुनाव अब निर्विरोध होने की पूरी संभावना है।
संगठन का लंबा अनुभव और राजनीतिक कद
प्रवेश वाही को दिल्ली की राजनीति और निगम कार्यों का गहरा अनुभव है:
- कार्यकाल: वे तीन बार पार्षद निर्वाचित हो चुके हैं।
- महत्वपूर्ण पद: वाही पूर्ववर्ती उत्तरी दिल्ली नगर निगम (North MCD) की स्थायी समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में सदन के नेता के रूप में सक्रिय थे।
- चयन की प्रक्रिया: हालांकि चयन से पहले कुछ पार्षदों ने उनके नाम पर असहमति जताई थी, लेकिन भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने उनके संगठनात्मक अनुभव और प्रशासनिक पकड़ को देखते हुए उन पर दांव लगाना बेहतर समझा।
भाजपा की नई टीम: अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां
पार्टी ने आगामी कार्यकाल के लिए अपनी पूरी टीम की रूपरेखा तैयार कर ली है:
- उपमहापौर (डिप्टी मेयर): आनंद विहार से पार्षद मोनिका पंत को इस पद का उम्मीदवार बनाया गया है।
- नेता सदन: बेगमपुर वार्ड के पार्षद जय भगवान यादव को सदन के नेता की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें स्थायी समिति के सदस्य के रूप में भी नामांकित किया गया है।
- स्थायी समिति: पहाड़गंज से पार्षद मनीष चढ्ढा को भी स्थायी समिति के सदस्य हेतु प्रत्याशी बनाया गया है।
संतुलन और अनुभव पर जोर
भाजपा नेतृत्व ने इस टीम के चयन में राजनीतिक संतुलन और प्रशासनिक दक्षता का तालमेल बिठाने की कोशिश की है। प्रवेश वाही जैसे पुराने चेहरे को कमान सौंपकर पार्टी ने दिल्ली की नागरिक व्यवस्था को मजबूती देने का संकेत दिया है। 29 अप्रैल को औपचारिक मुहर लगने के बाद वाही विधिवत रूप से दिल्ली नगर निगम की बागडोर संभाल लेंगे।

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