केरल में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, तमिलनाडु में 9 जून तक ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी
तिरुवनंतपुरम | दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेजी से सक्रिय होने के कारण पूरे देश के मौसम में व्यापक बदलाव आया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों समेत कई हिस्सों में मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके साथ ही, उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली चमकने के साथ आंधी-तूफान का अंदेशा जताया गया है। केरल में कल रात से जारी भारी वर्षा के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और विभिन्न स्थानों पर पेड़ गिरने व जलभराव की खबरें हैं। त्रिशूर जिले में एक दर्दनाक हादसे के तहत शेड पर पेड़ गिरने से एक युवक की जान भी चली गई है।
केरल में रेड अलर्ट और प्रशासनिक पाबंदियां
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जहां अगले 24 घंटों में 20 सेंटीमीटर से अधिक अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने वायनाड, कोझिकोड और कासरगोड के पहाड़ी रास्तों पर रात के सफर, ट्रैकिंग तथा खनन कार्यों पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके साथ ही प्रभावित जिलों के शिक्षण संस्थानों में एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी गई है। पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में भी नीलगिरि, कोयंबटूर और थेनी समेत कई जिलों में आगामी 9 जून तक भारी बारिश और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
देश के अन्य राज्यों में मौसम का हाल
आईएमडी के अनुसार, मानसून की सक्रियता के चलते कर्नाटक, पुडुचेरी, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, रायलसीमा, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में भारी से बहुत भारी वर्षा होने के आसार हैं। दूसरी तरफ, उत्तर और मध्य भारत के राज्यों जैसे दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में गरज-चमक के साथ आंधी आने की चेतावनी दी गई है। इसके अतिरिक्त बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा और राजस्थान में भी धूलभरी आंधी और बौछारें पड़ने की संभावना को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे आश्रय न लेने की सलाह दी गई है।
मछुआरों के लिए चेतावनी और अलर्ट के मायने
खराब मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी, केरल-कर्नाटक सीमा और मालदीव क्षेत्र के पास रहने वाले मछुआरों को 9 जून तक समुद्र में न जाने की हिदायत दी है, क्योंकि इस दौरान हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही विभाग ने स्पष्ट किया है कि 'रेड अलर्ट' का अर्थ 20 सेंटीमीटर से अधिक की अत्यधिक भारी बारिश से है, जबकि 'ऑरेंज अलर्ट' 11 से 20 सेंटीमीटर की बहुत भारी बारिश और 'येलो अलर्ट' 6 से 11 सेंटीमीटर की भारी बारिश की संभावना को दर्शाता है।

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