उत्तर प्रदेश में 49 साल पुराना मामला फिर सुर्खियों में, पूर्व MLC समेत चार पर केस
औरैया: रसूख और ताकत के बल पर जमीनें हड़पने के मामले में पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक के भारी दबदबे और खौफ के कारण एक बुजुर्ग पीड़ित करीब 49 साल तक अपनी ही जमीन वापस पाने के लिए दर-दर भटकता रहा। रसूखदारों के डर से पीड़ित इतने सालों में पुलिस के पास जाने तक की हिम्मत नहीं जुटा सका। अब जब अदालत ने पूर्व एमएलसी को सजा सुना दी है, तब जाकर पीड़ित ने कोतवाली पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने तहरीर मिलने के बाद धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग के रिटायर्ड कर्मी की जमीन पर कब्जा
मूल रूप से इटावा के जसरौरा गांव और वर्तमान में कोतवाली क्षेत्र के करमगंज निवासी मदन गोपाल स्वास्थ्य विभाग में नौकरी करते थे। औरैया में उनकी ससुराल थी, इसलिए उनका यहाँ अक्सर आना-जाना लगा रहता था। पीड़ित मदन गोपाल के अनुसार, उन्होंने 23 मई 1977 को औरैया के खानपुर गांव स्थित गाटा संख्या 60 में अमजद खां उर्फ घसीट खां से दो प्लॉट खरीदे थे। इनमें से एक प्लॉट खुद उनके नाम पर और दूसरा उनकी पत्नी शकुंतला देवी के नाम पर दर्ज था।
दीवार पर लिखा मिला- 'मकान किराए पर खाली है'
नौकरी के दौरान अलग-अलग जिलों में ट्रांसफर होने, रिटायरमेंट के बाद बीमार रहने और एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो जाने की वजह से मदन गोपाल लंबे समय तक अपने इन प्लॉटों की देखरेख करने औरैया नहीं आ सके। हाल ही में जब पीड़ित बुजुर्ग अपनी जमीन देखने औरैया पहुंचे, तो वहां की स्थिति देखकर उनके होश उड़ गए। उनके प्लॉट पर बने एक कमरे की दीवार पर लाल रंग से लिखा हुआ था— "मकान किराए पर खाली है"। इसके साथ ही वहां दो मोबाइल नंबर और मकान मालिक के तौर पर शाहिद सुल्तान शेख का नाम लिखा हुआ था।
फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर बेचे प्लॉट
जब पीड़ित ने इस अवैध कब्जे के बारे में गुपचुप तरीके से पता लगाया, तो बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। पता चला कि खानपुर निवासी अब्दुल सत्तार उर्फ सत्तार अहमद ने 17 जुलाई 1991 के एक कथित मुख्तारनामे (पावर ऑफ अटॉर्नी) का सहारा लिया था। आरोप है कि उसने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक के संरक्षण में एक गहरी आपराधिक साजिश रची।
आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर पीड़ित के दोनों प्लॉटों की रजिस्ट्री (बैनामा) कर दी और शाहिद सुल्तान शेख व उसके बेटों को वहां गैरकानूनी तरीके से कब्जा दिला दिया।
विरोध करने पर दी जान से मारने की धमकी
मदन गोपाल का आरोप है कि जब उन्होंने अपने प्लॉट पर जाकर इस फर्जीवाड़े का कड़ा विरोध किया, तो आरोपी अब्दुल सत्तार अपने अन्य गुर्गों के साथ वहां आ धमका। आरोपियों ने पीड़ित बुजुर्ग के साथ सरेआम गाली-गलौज की और उन्हें वहां से भगा दिया। साथ ही धमकी दी कि अगर दोबारा इस प्लॉट के आसपास भी दिखाई दिए, तो जान से मार देंगे।
कमलेश पाठक के नाम की दी जाती थी धौंस
पीड़ित ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में साफ लिखा है कि आरोपी अब्दुल सत्तार उन्हें लगातार पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक के नाम और रसूख की धौंस देकर चुप करा देता था। कमलेश पाठक के रसूख के कारण पीड़ित में इतनी हिम्मत नहीं बची थी कि वह स्थानीय थाने जाकर उनके खिलाफ शिकायत भी दर्ज करा सके। लेकिन हाल ही में जब समाचार माध्यमों से उन्हें पता चला कि पूर्व एमएलसी को कोर्ट ने सजा दे दी है, तब जाकर उनका डर दूर हुआ और उन्होंने पुलिस के पास आने का हौसला जुटाया।
स्थानीय कोतवाली पुलिस के मुताबिक, पीड़ित की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

NEET विवाद पर बिहार बंद: पटना से सीवान तक प्रदर्शन, कई जगह यातायात प्रभावित
Renewable Energy पर बड़ा दांव, 30 जुलाई से खुलेगा Juniper Green Energy का IPO
रथ यात्रा हादसे के बाद एक्शन मोड में प्रशासन, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच जारी
भीषण विस्फोट के बाद मचा कोहराम, पटाखा फैक्टरी हादसे के पीछे क्या है वजह?
टंट्या भील चौराहे पर आंदोलन जारी, प्रदर्शनकारियों पर ड्रोन की पैनी निगाह
चाणक्यपुरी थाने में FIR, पीयूष गोयल के डीपफेक वीडियो मामले ने पकड़ा तूल
स्वाइन फ्लू से जूझ रहीं शबाना आजमी, विरोध प्रदर्शन में शामिल न होने की बताई वजह
सैलरी भुगतान में गड़बड़ी उजागर, नगर निगम के दो कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई
रफ्तार बनी काल, सेना अधिकारी के बेटे की कार हादसे में गई जान
न्यूक्लियर डील के बदले ट्रंप की नई शर्त, सऊदी पर अब्राहम समझौते का दबाव क्यों?