निवेशकों को झटका! सेंसेक्स में 400 अंकों की गिरावट, निफ्टी ने गंवाया अहम स्तर
मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान चौतरफा बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे शुरुआती दौर में ही प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बीएसई का सेंसेक्स करीब 400 अंकों तक गोता लगा गया, जबकि एनएसई का निफ्टी फिसलकर 23,100 के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में एचसीएल टेक और एशियन पेंट्स जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में दो-दो प्रतिशत की भारी कमजोरी देखी गई, वहीं अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी 35 पैसे की बड़ी गिरावट के साथ 95.60 के स्तर पर आ गया। बाजार में इस उथल-पुथल की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में दोबारा उपजा भू-राजनीतिक संकट और अमेरिका में उम्मीद से अधिक आए महंगाई के आंकड़े हैं, जिसने वैश्विक वित्तीय बाजारों को हिलाकर रख दिया है।
पश्चिम एशिया संकट और अमेरिकी महंगाई से बिगड़ा सेंटिमेंट
वैश्विक स्तर पर फैली इस घबराहट के पीछे मुख्य रूप से मध्य पूर्व में बढ़ता सैन्य तनाव है। अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हालिया हमलों और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापारिक मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक जोरदार तेजी आ गई है। तेल की इस तपन और महंगे आयात की आशंका ने भारतीय निवेशकों को डरा दिया है, जिसके चलते वे बाजारों से तेजी से अपना मुनाफावसूली कर पैसा निकाल रहे हैं। इसके साथ ही, अमेरिका में जारी मजबूत मुद्रास्फीति (महंगाई) के आंकड़ों ने 'वॉल स्ट्रीट' (अमेरिकी शेयर बाजार) में भारी बिकवाली को जन्म दिया, जिसका सीधा नकारात्मक असर गुरुवार को भारतीय सहित तमाम एशियाई बाजारों की सेहत पर देखने को मिला।
वैश्विक बाजारों में मंदी का दौर, एशियाई सूचकांक धड़ाम
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे आंकड़े भी निवेशकों को हतोत्साहित करने वाले रहे। जापान को छोड़ दिया जाए तो एमएससीआई का एशिया-प्रशांत सूचकांक 0.9 प्रतिशत तक टूट गया, जिसमें सबसे करारा झटका दक्षिण कोरिया के 'कोस्पी' इंडेक्स को लगा जो सीधे 3 प्रतिशत तक धड़ाम हो गया। अन्य बाजारों की बात करें तो जापान का निक्केई 225 और टॉपिक्स दोनों सूचकांक 1.2 प्रतिशत लुढ़क गए, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स 0.4 प्रतिशत नीचे आया। इसके अलावा, हांगकांग का हैंग सेंग 0.1 प्रतिशत, शंघाई कंपोजिट 0.2 प्रतिशत, यूरोपीय बाजार का प्रतिनिधित्व करने वाला यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स 0.5 प्रतिशत और अमेरिकी एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
इथेनॉल पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क शून्य, सरकार का बड़ा फैसला
बाजार की इस उठापटक के बीच केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने देश की अर्थव्यवस्था और ईंधन निर्भरता को संतुलित करने के लिए एक बड़ी अधिसूचना जारी की है। इसके तहत सरकार ने उच्च इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल के विभिन्न वेरिएंट्स पर लगने वाले उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) को पूरी तरह से माफ कर दिया है। अब देश में बिकने वाले E22, E25, E27 और E30 यानी क्रमशः 22, 25, 27 और 30 प्रतिशत इथेनॉल मिले पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क को घटाकर 'शून्य' कर दिया गया है। सरकार के इस दूरगामी फैसले का मुख्य उद्देश्य देश के वाहन स्वामियों को पर्यावरण अनुकूल इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि कच्चे तेल के आयात पर देश का भारी खर्च कम किया जा सके।

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