घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के नए रेट जारी, कीमतों में नहीं हुआ कोई बदलाव
नई दिल्ली। देश की सरकारी तेल कंपनियों ने आज 11 जून 2026 को रसोई गैस (एलपीजी) के दामों में किसी भी तरह का फेरबदल नहीं किया है। इससे पहले कंपनियों ने बीते 7 जून को घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की वृद्धि की थी, जिसके बाद से ही पूरे देश में ईंधन की दरें यथावत बनी हुई हैं। ताजा समीक्षा के बाद राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत अब बढ़कर 942 रुपये के स्तर पर पहुंच गई है, जो इस बढ़ोतरी से पहले 913 रुपये पर उपलब्ध था। महानगरों और प्रमुख राज्यों की राजधानियों में उपभोक्ताओं को नए रेट कार्ड के अनुसार ही भुगतान करना पड़ रहा है।
महानगरों में रसोई गैस के दाम और उज्ज्वला योजना की राहत
हालिया वृद्धि के बाद अगर विभिन्न शहरों में घरेलू सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) की कीमतों पर नजर डालें तो मुंबई में यह 941.50 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये, चेन्नई में 957.50 रुपये, पटना में 1,031.50 रुपये, लखनऊ में 979.50 रुपये और जयपुर में 945.50 रुपये में मिल रहा है। दूसरी ओर, व्यावसायिक (कमर्शियल) गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के गैस सिलेंडर के दाम भी 1 जून को हुई बढ़ोतरी के बाद से काफी ऊंचे बने हुए हैं, जिसके तहत दिल्ली में व्यावसायिक सिलेंडर 3,113.50 रुपये, मुंबई में 3,067.50 रुपये और पटना में 3,400 रुपये का बिक रहा है। हालांकि, इस महंगाई के बीच प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र परिवारों के लिए राहत की बात यह है कि उन्हें सरकार की तरफ से मिलने वाली 300 रुपये की सब्सिडी जारी है, जिससे दिल्ली में उन्हें यह सिलेंडर महज 642 रुपये के आसपास पड़ रहा है।
वैश्विक ऊर्जा संकट और बढ़ती लागत के कारण बढ़ी कीमतें
पेट्रोलियम मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में आई भारी तेजी के चलते घरेलू स्तर पर भी कीमतें बढ़ाना अपरिहार्य हो गया था। वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं और विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव के कारण लागत का बोझ सीधे तौर पर खुदरा कीमतों पर पड़ा है। तेल कंपनियों के अनुसार, हर महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख और वैश्विक कीमतों की गहन समीक्षा की जाती है, जिसके आधार पर ही घरेलू स्तर पर नई खुदरा दरें निर्धारित की जाती हैं। आम नागरिक एलपीजी की इन दैनिक व मासिक दरों को इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आसानी से देख सकते हैं।
रसोई के बजट पर सीधा प्रहार और खाद्य सामग्री महंगी होने के आसार
मार्च और जून के महीनों में क्रमिक रूप से की गई इस मूल्य वृद्धि ने आम आदमी के मासिक बजट को पूरी तरह से असंतुलित कर दिया है, जिसका सीधा असर मध्यमवर्गीय परिवारों के किचन पर पड़ रहा है। घरेलू गैस के महंगे होने से जहां गृहणियों को घर चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम तीन हजार रुपये के पार बने रहने से होटल, रेस्टोरेंट, कैफे और ढाबा संचालकों की परिचालन लागत काफी बढ़ गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि व्यावसायिक ईंधन की इस तपिश के कारण आने वाले दिनों में बाहर खाना-पीना और विभिन्न खाद्य सामग्रियां भी महंगी हो सकती हैं, जिसका अंतिम भार आम उपभोक्ताओं की जेब पर ही पड़ेगा।

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