दिल्ली में पुराने पेट्रोल वाहन बंद होंगे या नहीं? मुख्यमंत्री ने स्थिति की स्पष्ट की
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार द्वारा राजधानी में नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी को गैजेट में नोटिफाई किए जाने के बाद से ही वाहन मालिकों के बीच कई तरह के सवाल और असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। सबसे बड़ा भ्रम यह फैल रहा था कि क्या नई नीति के आते ही सड़कों पर दौड़ रहे पुराने पेट्रोल और डीजल वाहन पूरी तरह से बंद कर दिए जाएंगे? इस पर सरकार की तरफ से स्थिति पूरी तरह साफ कर दी गई है।
अफवाहों पर न दें ध्यान, चलती रहेंगी पेट्रोल गाड़ियां
इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि जनता के बीच यह गलतफहमी फैलाई जा रही है कि पेट्रोल गाड़ियां बंद होने जा रही हैं। उन्होंने दो टूक कहा, "ऐसा बिल्कुल नहीं है। अगर आपके पेट्रोल या डीजल वाहन की कानूनी समय सीमा (Time Limit) बची हुई है, तो आप उसे दिल्ली की सड़कों पर बिना किसी डर या रोक-टोक के चला सकते हैं। लोग इस तरह की किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।"
ट्रांसपोर्ट सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव की तैयारी
सरकार का कहना है कि इस नई नीति का मकसद किसी पर जबरन पाबंदी लगाना नहीं, बल्कि दिल्ली के नागरिकों को पर्यावरण के अनुकूल विकल्प देना है। दिल्ली में प्रदूषण के खतरनाक स्तर को कम करने और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को आधुनिक व पर्यावरण-हितैषी (Eco-friendly) बनाने के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम है।
पॉलिसी का स्टेटस: दिल्ली सरकार ने 1 जुलाई से इस नई EV पॉलिसी को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया है। इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के प्रोत्साहन और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है, ताकि राजधानी की हवा को साफ सुथरा बनाया जा सके।

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