एथेनॉल को लेकर आलोचनाओं का जवाब, नितिन गडकरी ने गिनाए फायदे
भोपाल / नई दिल्ली: देशभर में पिछले कई दिनों से एथेनॉल ब्लेंडिंग (पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण) को लेकर छिड़ी बहस और वाहन मालिकों की शिकायतों के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा बयान दिया है। कई लोगों द्वारा एथेनॉल युक्त ईंधन से वाहन खराब होने और माइलेज घटने के दावों, तथा खुद पर लगे निजी हितों के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री ने न केवल स्थिति साफ की है, बल्कि ठोस आंकड़े पेश कर इसके असल फायदे गिनाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी नीति से उन्हें कोई व्यक्तिगत या आर्थिक लाभ नहीं हुआ है।
विदेशी मुद्रा की बचत: 1.25 लाख करोड़ रुपये का हुआ फायदा
नितिन गडकरी ने ईंधन पर देश की निर्भरता कम होने के आंकड़े पेश करते हुए बताया कि साल 2014 में भारत में एथेनॉल ब्लेंडिंग महज 1.5 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 20 प्रतिशत के ऐतिहासिक लक्ष्य तक पहुंच चुकी है। इस बड़े बदलाव के कारण देश को विदेशी मुद्रा के मोर्चे पर भारी राहत मिली है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम की वजह से अब तक देश की करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की सीधी बचत हुई है, जिससे पेट्रोल आयात पर देश की निर्भरता घटी है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बूस्ट: किसानों को मिले 45 हजार करोड़ रुपये
इस नीति को कृषि और ग्रामीण भारत के लिए गेम-चेंजर बताते हुए गडकरी ने कहा कि एथेनॉल का उत्पादन बढ़ने से गन्ना, मक्का और अन्य अनाज वाली फसलों की मांग में भारी उछाल आया है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरी पहल के माध्यम से लगभग 45 हजार करोड़ रुपये की राशि सीधे देश के किसानों के खातों तक पहुंची है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि कृषि क्षेत्र में रोजगार और आय के नए साधन भी विकसित हुए हैं।
वाहन खराब होने के दावों पर गडकरी की खुली चुनौती
एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों के इंजन को नुकसान पहुंचने और माइलेज कम होने के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अब तक ऐसे दावों या आरोपों का कोई भी ठोस वैज्ञानिक प्रमाण (Scientific Evidence) सामने नहीं आया है। गडकरी ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति या संस्था के पास इस बात का कोई पुख्ता और वैज्ञानिक तथ्य है कि एथेनॉल की वजह से वाहन खराब हो रहे हैं, तो वे उसे सार्वजनिक रूप से सामने लाएं। उन्होंने बिना तथ्यों के सोशल मीडिया या अन्य जगहों पर भ्रम फैलाने को पूरी तरह गलत बताया।
20 लाख करोड़ के आयात बिल को कम करने का लक्ष्य
देश की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए गडकरी ने बताया कि भारत वर्तमान में हर साल 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) आयात करता है। यदि देश में एथेनॉल, बायोफ्यूल, ग्रीन हाइड्रोजन और अन्य स्वच्छ एवं वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग इसी तरह बढ़ता रहा, तो देश का यह भारी-भरकम आयात बिल काफी कम हो जाएगा। इससे न केवल शहरों में प्रदूषण का स्तर घटेगा, बल्कि भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।

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