करोड़ों के सोने का गबन, ज्वेलरी फर्म में 15 साल पुराने भरोसे की खुली पोल
मुंबई। दक्षिण मुंबई के दागीना बाजार स्थित 121 साल पुरानी प्रतिष्ठित ज्वेलरी फर्म 'संघवी धनरूपजी देवाजी ज्वेलर्स' में करीब 5.80 करोड़ रुपये के सोने के गबन का मामला सामने आया है। फर्म के मालिक ने आरोप लगाया है कि 15 वर्षों से मैनेजर के पद पर कार्यरत उनके बेहद भरोसेमंद कर्मचारी ने ही इस बड़ी हेराफेरी को अंजाम दिया है। आरोपी ने रिकॉर्ड में हेरफेर कर करीब 6.1 किलोग्राम सोने के गहने गायब कर दिए। शिकायत के बाद एल. टी. मार्ग पुलिस ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
भरोसे का गला घोंटकर की गई करोड़ों की हेराफेरी
शिकायतकर्ता विनीत नवरतन राणावत के अनुसार, आरोपी मितेश कोठारी को उनके परिवार से पुराने संबंधों के चलते करीब 15 साल पहले नियुक्त किया गया था। उसे तिजोरी की चाबियों से लेकर स्टॉक और अकाउंट्स तक की पूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस विश्वास का फायदा उठाते हुए आरोपी ने धीरे-धीरे कंपनी के रिकॉर्ड से सोना गायब करना शुरू कर दिया। जब पटना में व्यापारिक दौरों के दौरान आरोपी के संदिग्ध व्यवहार और व्यापारियों से न मिलने देने की हरकतों पर शक हुआ, तब कंपनी ने गहन आंतरिक जांच शुरू की।
स्टॉक मिलान में हुआ बड़ा खुलासा
जांच के दौरान जब तिजोरी के सोने का वजन और बिक्री-खरीद के दस्तावेजों का मिलान किया गया, तो 6129 ग्राम सोना कम पाया गया। पूछताछ और पुलिस कार्रवाई की चेतावनी के बाद आरोपी मितेश कोठारी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने स्वीकार किया कि वह दफ्तर से सोना खुद ही निकालता था और वाउचरों पर उसके ही हस्ताक्षर थे। उसने खुलासा किया कि उसने सोने का उपयोग एमसीएक्स कमोडिटी ट्रेडिंग में हुए व्यक्तिगत नुकसान की भरपाई के लिए किया था। इस दौरान उसने स्टांप पेपर पर अपना गुनाह लिखित रूप में भी स्वीकार किया।
लॉजिस्टिक्स और संदिग्ध गतिविधियों की जांच
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कोल्हापुर के व्यापारियों को लॉजिस्टिक कंपनी के माध्यम से भेजे जाने वाले गहनों की कुछ खेपें आरोपी ने रास्ते में ही हड़प ली थीं। वर्ष 2025 के दौरान भेजी गई ऐसी चार बड़ी खेपों का कोई हिसाब कंपनी के रिकॉर्ड में नहीं मिला है। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल की व्हाट्सऐप चैट, बैंक ट्रांजेक्शन और लॉजिस्टिक दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गबन में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता है या नहीं। पुलिस इस पूरे मामले के हर पहलू को खंगालने में जुटी है।

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