इंफोसिस का तिमाही बोनस जारी, कर्मचारियों ने जताई असंतुष्टि—औसत पेआउट हुआ कम
व्यापार: आईटी क्षेत्र की कंपनी इंफोसिस ने सिंतबर तिमाही के लिए प्रदर्शन-आधारित भुगतान की घोषणा की। इसके तहत कर्मचारियों को उनके पात्र राशि का औसतन 75 प्रतिशत बोनस दिया है। हालांकि कर्मचारियों के अनुसार यह बोनस पिछली तिमाही में दिए गए बोनस से थोड़ा कम है।
किस आधार पर मिल रहा कितना बोनस?
इस तिमाही बोनस चक्र के दौरान जॉब लेवल 4 के कर्मचारियों को प्रदर्शन के आधार पर अलग-अलग प्रतिशत में बोनस मिला है। कंपनी के स्टाफ के मुताबिक, 'उत्कृष्ट' रेटिंग वालों को 83%, 'प्रशंसनीय' वालों को 78.5% और 'अपेक्षाओं पर खरे उतरने वाले' श्रेणी में आने वाले कर्मचारियों को 75% बोनस दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि जॉब लेवल नीचे होने पर पेआउट में गिरावट देखी गई, हालांकि सभी पात्र श्रेणियों का औसत 70.5% से 83% के बीच रहा।
इस बार का बोनस पिछली तिमाही से कम है- कर्मचारी
कुछ कर्मचारियों ने बताया कि इस तिमाही में उनका बोनस अप्रैल-जून की अवधि में मिले बोनस से 5 से 7% कम है। उस तिमाही में, इन्फोसिस का औसत भुगतान 80% रहा, और व्यक्तिगत भुगतान 75% से 89% के बीच रहा।
कंपनियों ने इन कर्मचारियों को भी दिया बोनस?
कंपनी ने इस बार जॉब लेवल 4, 5 और 6, जिनमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर, टीम लीडर और सीनियर मैनेजर शामिल हैं तक बोनस बढ़ाया है। कुल 3.23 लाख कर्मचारियों में इन स्तरों का बड़ा हिस्सा शामिल है। इन सभी समूहों को उत्कृष्ट, प्रशंसनीय, अपेक्षाओं पर खरे उतरने वाले और एक गैर-लागू श्रेणी में बांटकर बोनस के लिए योग्य माना गया।
आंतरिक संचार में कहा गया है कि कर्मचारियों के प्रदर्शन और योगदान के आधार पर तय किया गया है। कंपनी ने डिलीवरी मैनेजरों को अपनी-अपनी टीमों में मूल्यांकन के मुताबिक बोनस बांटने की जिम्मेदारी दी है। कर्मचारियों को भेजे ईमेल में कंपनी ने लिखा कि इंफोसिस की यात्रा का अहम हिस्सा बनने के लिए धन्यवाद। इन्फोसिस ने बताया है कि बोनस की राशि नवंबर महीने के वेतन में जोड़ी जाएगी।

राशिफल 6 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
पीएम आवास से साकार हुआ सपना: कांति को मिला अपना आशियाना
मरीज को मिला समय पर उपचार, सुकमा के चिकित्सकों की टीम ने दिखाई तत्परता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की
पशुपालन की विभिन्न योजनाओं से किसान होंगे आत्मनिर्भर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
हरी खाद से बदल रही खेती की तस्वीर : कम लागत, बेहतर मुनाफा और स्वस्थ मिट्टी
शहीद के संघर्ष और बलिदान की गाथा भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा : राज्यपाल पटेल
चंबल के कछुए बने नमामि गंगे मिशन में मां गंगा के ‘प्राकृतिक सफाई-योद्धा’
अवैध खनन के मामले मेें जेसीबी सहित 5 वाहन जब्त