न्याय की जीत – राजबती की ज़मीन उन्हें फिर मिली
बेमेतरा : बेमेतरा जिले के ग्राम बहेरा की बुजुर्ग महिला राजबती के जीवन में वह दिन किसी चमत्कार से कम नहीं था, जब वर्षों की उम्मीद और संघर्ष के बाद उन्हें अपनी ही ज़मीन पर कुछ मीटर किए कब्जे का फिर से अधिकार मिला। यह कहानी सिर्फ एक भूमि कब्जे की नहीं, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता, तत्परता और न्याय की मिसाल है।*
*राजबती, जिनकी कुछ मीटर ज़मीन पर अतिक्रमण था, कई बार अधिकारियों के चक्कर लगा चुकी थीं। लेकिन इस बार उन्होंने सीधे बेमेतरा कलेक्टर रणबीर शर्मा से कलेक्ट्रेट में आवेदन दिया। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्क्षण तहसीलदार बेरला को स्थल परीक्षण और कार्यवाही के निर्देश दिए।*
*तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुँचकर न सिर्फ भूमि का पुनः चिन्हांकन किया, बल्कि अनावेदक साधेलाल की उपस्थिति में पारदर्शिता के साथ राजबती को उसकी ज़मीन का वास्तविक कब्जा दिलवाया। बांस-बल्ली लगाकर स्पष्ट सीमांकन भी कर दिया गया ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो।*
*यह वही भूमि थी, जिसे पूर्व में चिन्हांकित कर कब्जा दिलाया गया था, लेकिन राजबती उम्र और संसाधनों की कमी के कारण उस पर कब्जा नहीं कर सकीं। इस बार प्रशासन की सख्ती और स्थानीय सहयोग से यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हुई।*
*आज राजबती संतुष्ट हैं, उनकी आँखों में आभार है, और दिल में वह विश्वास, जो शायद कहीं खो गया था। यह सिर्फ उनकी जीत नहीं, बल्कि उस सिस्टम की जीत है जो आम जनता की आवाज़ सुनता है और उसे न्याय दिलाता है।*

PhonePe की आय में 11% ग्रोथ, फिर भी घाटा 62% बढ़ा
नई कार्यकारिणी के जरिए मिशन चुनाव की तैयारी, यूपी कांग्रेस जल्द करेगी बड़ा ऐलान
भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही, जम्मू-कश्मीर में हालात गंभीर, यात्रा सस्पेंड
खंडवा में बड़ा हादसा: ब्रह्मपुरी पार्किंग के खुले सेप्टिक टैंक ने ली मासूम की जान
नकल माफिया पर योगी सरकार का शिकंजा, सीएम बोले- युवाओं के साथ अन्याय नहीं होगा
राजगढ़ हादसा: तेज रफ्तार कार तालाब में गिरी, क्रेन से निकाली गई गाड़ी
'छात्रों की आवाज जीती', टीकाराम जूली ने PM से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर करने की मांग की
धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा फैसला, इस्तीफा देकर साझा किया अपना दर्द
वनडे संन्यास की खबरों के बीच रोहित शर्मा को मिला बड़ा समर्थन, BCCI ने कही ये बात
कप्तान श्रेयस की पहली जीत पर क्यों बोले पूर्व क्रिकेटर- भूखे को बासी खाना भी दावत लगता है?