एंटी करप्शन ने पकड़ा, कोर्ट ने रिश्वतखोर हेड कॉन्स्टेबल को सजा सुनाई
रेवाड़ी। रेवाड़ी की डहीना चौकी में कार्यरत हेड कांस्टेबल हरविंदर सिंह को तीन हजार रुपये रिश्वत लेने के सात साल पुराने मामले में सात साल के कारावास की सजा सुनाई गई है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (स्पेशल जज) सौरभ कुमार की कोर्ट ने यह फैसला दिया। न्यायालय ने हेड कांस्टेबल को 24 सितंबर को प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट (पीसी एक्ट) की धारा सात और 13 के तहत दोषी ठहराया था।
सोमवार को सजा सुनाई गई। दोषी पर दोनों धाराओं में 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। दोषी हेड कांस्टेबल हरविंदर सिंह झज्जर जिले के सिलाना गांव का रहने वाला है।
एसीबी ने रुपये के साथ मौके से किया था गिरफ्तार
वर्ष 2018 में खोल क्षेत्र के गांव मंदौला के रहने वाले पंकज कुमार की कार का नील गाय से टकराने के कारण उसका एक्सीडेंट हो गया था। यह दुर्घटना डहीना पुलिस चौकी के अंतर्गत हुई थी।
इस केस में हेड कांस्टेबल हरविंदर सिंह जांच अधिकारी था। उनसे इस मामले में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के नाम पर पंकज कुमार से तीन हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
पंकज ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। 13 मार्च 2018 को डहीना चौकी परिसर में ही रिश्वत लेते हुए पुलिसकर्मी को टीम ने पकड़ लिया।
उसके विरुद्ध स्टेट विजिलेंस ब्यूरो गुरुग्राम थाने में एफआइआर दर्ज की गई। उसके बाद एक दिसंबर 2018 में न्यायालय में आरोपित के विरुद्ध चालान पेश किया गया था।
मामले की लंबी सुनवाई के बाद अब न्यायालय ने आरोपित हेड कांस्टेबल को सजा सुनाई है।

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