एक माह तक बंद हों एंटी नक्सल ऑपरेशन - नक्सलियों की अपील
नई दिल्ली/रायपुर : देश के कई हिस्सों में पहले से वायरल हुए ‘युद्धविराम’ संबंधी पत्रों के बाद अब नक्सलियों ने पहली बार ऑडियो मैसेज जारी किया है। जारी दो ऑडियो में संगठन के केंद्रीय कमेटी प्रवक्ता सिर्फ ‘अभय’ (आवाज में बताए गए नाम के मुताबिक) ने वायरल लेटर की पुष्टि करते हुए शांति और वार्ता का संकेत दिया है। ऑडियो में कहा गया है कि संगठन अस्थायी रूप से हथियारबंद संघर्ष को रोककर शांति प्रक्रिया में भाग लेने को तैयार है।
ऑडियो क्लिप में अभय ने कहा, “हम हथियार छोड़कर शांति वार्ता के लिए तैयार हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की है और हम जन समस्याओं के हल के लिए जनसंघर्ष को प्राथमिकता देंगे।” उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि अलग-अलग राज्यों में कार्यरत तथा जेल में बंद साथियों से परामर्श करने के लिए उन्हें एक माह का समय दिया जाए और इसी दौरान एंटी-नक्सल अभियानों पर विराम रखा जाए।
दूसरे ऑडियो में नक्सलियों ने वीडियो-कॉल के जरिए सरकार के साथ प्राथमिक बातचीत का प्रस्ताव रखा और औपचारिक रूप से एक माह के लिए सीजफायर घोषित करने का अनुरोध दोहराया। ऑडियो में यह भी कहा गया कि खोजी अभियानों को रोककर शांति वार्ता की राह आसान बनाई जाए ताकि “खून से लथपथ जंगलों को शांति वनों में बदला जा सके।”
सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया अभी रिपोर्ट में दर्ज नहीं है। स्थानीय और केंद्रीय खुफिया सूत्रों ने फिलहाल ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि या खंडन करने से परहेज़ किया है — जांच जारी है। सुरक्षा बल अन्य संबंधित जानकारियों के साथ ही इस संदेश के स्रोत और समय-सीमा का औपचारिक सत्यापन कर रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि यह ऑडियो प्रामाणिक साबित हुआ तो यह एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है - विशेषकर उन राज्यों के लिए जहाँ नक्सली हिंसा ने वर्षों तक जनजीवन और विकास को प्रभावित किया है। वहीं कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि शांति वार्ता में शामिल सशर्त और चरणबद्ध हथियारबंदी-भुगतान, गिरफ्तारी, और कानूनी प्रक्रिया जैसे जटिल मुद्दे होंगे जिन्हें हल करना आसान नहीं होगा।
मुख्य बिंदु
नक्सलियों के दो ऑडियो मैसेज सार्वजनिक हुए; प्रवक्ता अभय ने वायरल लेटर की पुष्टि की। संगठन ने सरकार से एक माह का समय और औपचारिक एक-महीने के लिए सीजफायर की मांग की। नक्सलियों ने वीडियो-कॉल के माध्यम से बातचीत की पेशकश की। सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां ऑडियो की प्रामाणिकता और स्रोत की जांच कर रही हैं; आधिकारिक पुष्टि लंबित।

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