बीजेपी नेता ने की एक्स पर कम्युनिटी नोट्स को बंद करने की मांग
नई दिल्ली। बीजेपी नेता और संचार एवं आईटी पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने एक्स पर कम्युनिटी नोट्स को बंद करने की मांग की है। यह मांग निशिकांत ने खुद एक पोस्ट के जरिए की। उन्होंने कहा कि समिति ने इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के सामने सर्वसम्मति से यह राय जाहिर की है। पोस्ट में दुबे ने सवाल उठाया कि कम्युनिटी नोट्स को लेकर इतना हंगामा क्यों हो रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक निशिकांत ने दावा किया कि एक्स क्राप भारत सरकार को कोई टैक्स नहीं देता। ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि ऑस्ट्रेलियाई कानून की तरह ही एक्स को भारत में एक पब्लिशर का लाइसेंस लेना चाहिए और हर साल 25,000 करोड़ का टैक्स देना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि अगर ऐसा नहीं होता, तो कम्युनिटी नोट्स को बंद कर देना चाहिए।
बता दें कम्युनिटी नोट्स एक पर एक क्राउड-सोर्स्ड फैक्ट-चेकिंग टूल है, जहां यूजर्स संभावित रूप से गुमराह करने वाली या गलत पोस्ट पर नोट्स जोड़ सकते हैं। जब दूसरे यूजर्स किसी नोट को हेपफुल यानी मददगार बताते हैं, तो वह नोट मूल पोस्ट के नीचे दिखाई देता है। उत्तर प्रदेश के सीएम द्वारा एआई पार्क और डेटा सेंटर के लिए पुक एआई के साथ 25,000 करोड़ के करार की घोषणा के बाद यह फीचर चर्चा में रहा है। सीएम योगी की पोस्ट पर एक कम्युनिटी नोट ने एमओयू की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुक एआई एक साल पुराना स्टार्ट-अप है, जिसका सालाना राजस्व 50 लाख से भी कम है और उसमें इस तरह के समझौते को पूरा करने की क्षमता नहीं है। यह नोट एक्स के उन यूजर्स ने जोड़ा था, जिन्होंने इसे मददगार बताया था। चार दिन बाद, उत्तर प्रदेश सरकार ने इस करार को रद्द कर दिया था।

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