अंबेडकर जयंती पर बसपा सुप्रीमो मायावती का हमला
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीन पोस्ट कीं। उन्होंने कहा, संविधान निर्माता भारत रत्न बोधिसत्व परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर को आज उनकी जयंती पर अंबेडकरवादी पार्टी बीएसपी (बसपा) के तत्वावधान में पूरे देश भर में उन्हें शत्-शत् नमन्, माल्यार्पण व अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित, जिसके लिए सभी लोगों का तहेदिल से आभार व धन्यवाद प्रकट करती हूं।
‘बहुजनों को शासक वर्ग बनने की जरूरत’
बसपा सुप्रीमो ने कहा, देश के समस्त दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों व अन्य उपेक्षितों को भी वास्तव में मिशनरी अंबेडकरवादी बनना होगा, जिसमें जुल्म-ज्यादती व अन्याय आदि से मुक्ति पाकर शासक वर्ग बनने की शक्ति उनकी आपसी एकता व सत्ता की मास्टर चाबी की प्राप्ति में ही है।
‘आरक्षण पर हो रहा है कुठाराघात’
मायावती ने आगे कहा, देश में बहुजनों के सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक हालात, कांग्रेस की तरह भाजपा शासनकाल में भी अति-दयनीय हैं तथा इनके आरक्षण के संवैधानिक अधिकार पर भी सुनियोजित कुठाराघात होने से अब इनकी स्थिति कुछ ‘अच्छे दिन’ के बजाय बुरे दिन वाली ही बन रही है, जो अति दुःखद व चिंतनीय है।
बता दें कि हर साल 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती मनाई जाती है। यह दिन भारत के संविधान निर्माता, सामाजिक सुधारक और दलित आंदोलन के प्रणेता डॉ. भीमराव अंबेडकर के जन्मदिन को चिह्नित करता है। इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम, रैलियां और सांस्कृतिक आयोजन किए जाते हैं, जिसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर की समानता, शिक्षा, और सामाजिक न्याय के योगदान को याद किया जाता है।

आज का राशिफल (1 अप्रैल 2026): जानिए करियर, प्यार और सेहत का हाल
प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी
बैंक ने तय किया 686 करोड़ का मुआवजा, एपिस्टीन केस की पीड़ितों के लिए राहत
ट्रंप ने दिया शांति का संकेत, होर्मुज पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं होने पर भी युद्ध स्थगित
जहां चुनावी जीत में शामिल है जादू, भारत का अनोखा शहर
2047 के विकसित भारत के लिए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने युवा विधायकों के दिलवाए 5 संकल्प
पीएम आवास निर्माण में देश में अव्वल होने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जताया हर्ष
उद्योग मंत्री देवांगन ने तिलक नगर में बाउण्ड्रीवाल निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन
आसमान में मंडराता खतरा: मिडिल-ईस्ट संघर्ष का भारत पर असर